संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद के जंगलों में थर्राए नक्सली छत्तीसगढ़ के गरियाबंद (थाना शोभा) में पुलिस, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम के साथ नक्सलियों की भीषण मुठभेड़ सामान छोड़ भागे नक्सली, सर्च ऑपरेशन जारी पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर थाना शोभा के घनघोर जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। सुरक्षाबलों का पलड़ा भारी पड़ता देख नक्सली अपनी दैनिक सामग्री और कैंप छोड़कर पहाड़ियों की ओट में भाग खड़े हुए।

गरियाबंद के जंगलों में थर्राए नक्सली मुठभेड़ की पूरी कहानी जब आमने सामने आए जवान और माओवादी
गरियाबंद पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के 08-10 हथियारबंद माओवादी शोभा जंगल में किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के इरादे से छिपे हुए हैं।
सूचना मिलते ही जिला पुलिस की ई-30 टीम, 207 कोबरा बटालियन, और सीआरपीएफ (65 व 211 बटा.) की संयुक्त टुकड़ी ने मोर्चा संभाला। 5 जनवरी 2026 की शाम जैसे ही जवान जंगल के भीतर पहुंचे, घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को जान से मारने और हथियार लूटने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

जवानों की जवाबी कार्रवाई से मचा हड़कंप
अचानक हुए हमले के बावजूद जवानों ने संयम नहीं खोया और तुरंत पोजिशन लेकर जवाबी फायरिंग की। सुरक्षाबलों की ओर से हुई सटीक फायरिंग और बढ़ते दबाव को देख नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए। घने जंगल और पहाड़ी रास्तों का फायदा उठाकर माओवादी अंधेरे में गायब हो गए।
जब्त सामग्री मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहां से नक्सलियों की भारी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
गरियाबंद पुलिस की अपील मुख्य- धारा में लौटें
गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर ने क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों को कड़ा संदेश देते हुए आत्मसमर्पण की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर माओवादी किसी भी थाना, चौकी या कैंप में सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।
📞 सरेंडर के लिए संपर्क करें: > नक्सल सेल गरियाबंद: 94792-27805