गरियाबंद में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सरेंडर नक्सलियों की सूचना पर मैनपुर के जंगलों से लूटी हुई .303 रायफल, पिस्टल और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम पूरी खबर पढ़ें पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने नक्सलियों द्वारा जंगल और पहाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए डेथ ट्रैप (मौत के सामान) को बरामद कर लिया है। इस ऑपरेशन की सबसे रोमांचक बात यह है कि यह पूरी कार्रवाई आत्मसमर्पित (Surrendered) नक्सलियों से मिली पिन-पॉइंट लोकेशन और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई है।

गरियाबंद में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, बरामद हुई लूटी हुई सरकारी राइफल
गरियाबंद के नक्सल प्रभावित मैनपुर (ग्राम कुकरार) और पीपरछेडी (ग्राम कमारभौदी) के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सलियों ने भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार डंप कर रखे थे। पुलिस के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों को जान-माल का नुकसान पहुंचाने और ग्रामीणों के बीच दहशत फैलाने के लिए किया जाना था।
बरामदगी में सबसे चौंकाने वाली चीज 01 नग .303 रायफल है, जिसे नक्सलियों ने पूर्व में पुलिस बल से लूटा था। इसके अलावा एक देशी पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और बम बनाने का सामान मिला है।
संयुक्त टीम का ऑपरेशन क्लीन स्वीप
इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जिला पुलिस बल की ई-30 (E-30) ऑपरेशन टीम, सीएएफ (CAF) और सीआरपीएफ (CRPF) ने एक संयुक्त मोर्चा संभाला। बीडीएस (BDS) टीम ने मौके पर पहुंचकर डंप एरिया की सघन तलाशी ली और 23 जनवरी 2026 को नक्सलियों के नापाक इरादों पर पानी फेर दिया।
बरामद सामग्री की सूची
पुलिस ने नक्सलियों के गुप्त ठिकाने से निम्नलिखित सामग्री जब्त की है
सामग्री का नाम मात्रा.303 रायफल (लूटी हुई) 01 नगदेशी पिस्टल 01 नग12 बोर राउंड 31 नग8 एमएम कारतूस 48 नगडेटोनेटर (Detonators) 43 नगवाकी-टाकी (Walkie-Talkie) 02 नगसोलर प्लेट 02 नगअन्य मल्टीमीटर, इवेंटर और दैनिक उपयोग का सामान ।
नक्सलियों की विनाशकारी नीतियों को विफल करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के सूचना तंत्र से हमें यह कामयाबी मिली, जिससे इलाके में शांति बहाली को बल मिलेगा।
वेदव्रत सिरमौर एसपी गरियाबंद
नक्सली संगठन को लगा बड़ा झटका
यह कार्रवाई धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के सक्रिय माओवादियों के लिए एक तगड़ा प्रहार है। 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के संकल्प की दिशा में गरियाबंद पुलिस का यह कदम मील का पत्थर साबित हो रहा है।
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