संपादक पैरी टाइम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
छत्तीसगढ़ का जंगल क्या आपकी स्थानीय सरकारी बॉडी 450 करोड़ का अतिक्रमण हटा सकती है? शायद नहीं लेकिन एक टाइगर रिजर्व कर रहा है पढ़े पूरी खबर पैरी टाइम्स पर ।
गरियाबंद क्या आपने कभी सोचा था कि जंगल का सबसे बड़ा निवासी (हाथी) भी AI-संचालित GPS ट्रैकर पहनकर चलेगा? नहीं? तो मिलिए छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) से जो अब केवल बाघों का घर नहीं, बल्कि सुशासन का पावरहाउस बन गया है। उपनिदेशक वरुण जैन और उनकी टीम के द्वारा बनाया गया USTR का AI-संचालित हाथी ट्रैकिंग और अलर्ट ऐप, गजसंकेत, इतना कामयाब हुआ है कि अब हाथियों को भी लग रहा होगा कि वे कोई महत्वपूर्ण सिलिकॉन वैली का स्टार्टअप हैं। यह ऐप, जो 2023 में लॉन्च हुआ, ग्रामीणों को वॉइस, SMS और व्हाट्सएप के ज़रिए लगभग वास्तविक समय में अलर्ट भेजता है। परिणाम? पिछले तीन वर्षों में जन-हानि सिर्फ़ 2 तक सीमित ।

छत्तीसगढ़ का जंगल अब खत्म होगा मुआवजे का बोझ भी
मुआवज़े का बोझ जो 2022-23 में 78 लाख था, वह 2025-26 (नवंबर तक) में 10 लाख हो गया। इस एप के आने के बाद लगता है हाथियों ने भी वर्क-लाइफ बैलेंस सीख लिया है । अब वे जानते हैं कि उन्हें गाँव से कब दूर रहना है। यह इतना सफल है कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और कर्नाटक भी कह रहे हैं, भाई, हमें भी थोड़ा टेक-सीक्रेट बताओ गजसंकेत ने तो राष्ट्रीय हैकथॉन भी जीत लिया, साबित कर दिया कि जंगली विचार भी टेक जगत में धमाल मचा सकते हैं
Google Earth Engine जंगल की चौकीदारी अब स्पेस से
अगर आप सोचते हैं कि जंगल में सिर्फ़ गार्ड ही गश्त करते हैं, तो आप 20^{वीं} सदी में जी रहे हैं। USTR का दूसरा कमाल है गूगल अर्थ इंजन आधारित रिमोट सेंसिंग और ड्रोन मैपिंग पोर्टल यह पोर्टल, AI-ML का उपयोग करके, छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों की 10 किलोमीटर की सीमाओं पर होने वाले हर खुराफ़ात को पकड़ता है वन आवरण में कमी (जंगल कम करना?) अवैध कटाई (चोरी-छिपे लकड़ी काटना?) सतही जल हानि (पानी कहाँ गया?)

सबसे बड़ी जीत गरियाबंद उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के इस पोर्टल ने महानदी बेसिन में वन आवरण की निगरानी की और ज़मीनी जाँच के साथ मिलकर, 750 हेक्टेयर (NPV मूल्य लगभग ₹450 करोड़) से अतिक्रमण हटा दिया
सकारात्मक एंगल 750 हेक्टेयर को बहाल करना (जीर्णोद्धार) यानी केवल जंगल को वापस नहीं लाना, बल्कि एक महत्वपूर्ण कार्बन सिंक बनाना USTR अब चुपके से देश के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद कर रहा है। यह है असली साइलेंट किलर नवाचार ।

पारदर्शिता का ड्रोन शो
ड्रोन मैपिंग पोर्टल अब केवल अवैध कामों को नहीं पकड़ता, बल्कि वन विभाग के अच्छे कामों को भी दिखाता है। उच्च रिज़ॉल्यूशन वाली ऑर्थोमोज़ेक छवियाँ (ड्रोन की मल्टीपल तस्वीरों को सिलकर बनी सुपर-तस्वीर) अब वृक्षारोपण, वाटरशेड विकास, और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्यों को मोबाइल/डेस्कटॉप पर प्रदर्शित करती हैं। यह केवल पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं है, बल्कि दूर-दराज़ के इलाकों (हाँ, नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में भी!) किए गए अद्भुत कार्यों को जनता के सामने लाने का एक मंच है।
गरियाबंद का नाम चमका राष्ट्रीय पटल पर
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व ने साबित कर दिया है कि जंगल राज का मतलब केवल दुर्लभ प्रजातियाँ नहीं है। इसका मतलब है AI, ML, सैटेलाइट और ड्रोन का सही इस्तेमाल करके 21वीं सदी का सुशासन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुए सुशासन संवाद में इन पहलों को शामिल करना इस बात का सबूत है कि जब वन विभाग टेक-सैवी हो जाता है, तो चमत्कार होते हैं।
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