छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अचानक बड़ा फेरबदल कांकेर से लेकर रायपुर तक की हलचल के पीछे क्या है असली गेम ?

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By Sangani

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल गरियाबंद के जांबाज IPS निखिल रखेचा को अचानक सौंपी गई कांकेर की कमान क्या किसी बड़े गुप्त मिशन की तैयारी में है सरकार ? जानिए इस चौंकाने वाले ट्रांसफर के पीछे की इनसाइड स्टोरी पैरी टाईम्स पर.

गरियाबंद छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से पुलिस विभाग में एक महत्वपूर्ण सर्जरी की है। गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश में तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नाम युवा और तेजतर्रार IPS निखिल अशोक कुमार रखेचा का है, जिन्हें गरियाबंद से स्थानांतरित कर कांकेर जिले का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है।

​छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अचानक बड़ा फेरबदल

​छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अचानक बड़ा फेरबदल काबिलियत का सम्मान चुनौतीपूर्ण क्षेत्र के लिए रखेचा का चयन

​IPS निखिल रखेचा (2019 बैच) ने गरियाबंद में अपनी पदस्थापना के दौरान नक्सल मोर्चे पर एतिहासिक सफ़लता हासिल की तो वहीं कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस-पब्लिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में शानदार काम किया है। यही कारण है कि शासन ने अब उन्हें कांकेर जैसे संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। जानकारों का मानना है कि कांकेर की कमान मिलना उनके बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड और कार्यकुशलता पर सरकार की मुहर है।

एसपी निखिल रखेचा का गरियाबंद में विजयी साल

गरियाबंद में उनके करीब एक साल के कार्यकाल को जिले के इतिहास का सबसे सफल और गोल्डन पीरियड माना जा रहा है, विशेषकर नक्सल मोर्चे पर मिली ऐतिहासिक सफलताओं के लिए

ऐतिहासिक स्ट्राइक उनके कार्यकाल में कुल 31 से ज्यादा नक्सली मार गिराए गए, जो गरियाबंद के इतिहास में एक रिकॉर्ड है। सफलतापूर्ण आत्मसमर्पण पुलिस के बढ़ते दबाव और पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण 30 से 35 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। दो एक करोड़ी सीसी मेंबर्स का सफाया रखेचा के नेतृत्व में गरियाबंद पुलिस ने वो कर दिखाया जो नामुमकिन माना जाता था। जिले में एक-एक करोड़ के इनामी और सेंट्रल कमेटी (CC) सदस्य मोडेम बालकृष्ण (M. Balakrishna) (मनोज/बालन्ना/रामचंद्र) और एक अन्य CC सदस्य चलपति (Chalapathi)  को मार गिराया गया जो गरियाबंद के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया नक्सल नेटवर्क ध्वस्त इन ऑपरेशंस ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि ओडिशा में भी नक्सली गतिविधियों को भारी चोट पहुंचाई है।

कांकेर में मतांतरण और हिंसा के बीच रखेचा की एंट्री

निखिल रखेचा की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कांकेर जिला बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में मतांतरण के मामले और उसके विरोध में हुई हिंसक घटनाओं के साथ ही प्रशासन पर भेदभाव के गंभीर आरोप लग रहे हैं इन्ही स्थितियों के विरोध में 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आवाहन भी किया गया है प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि कांकेर के निवर्तमान एसपी को मतांतरण और हिंसा रोकने में विफलता के चलते ही हटाया गया है अब शासन को उम्मीद है कि निखिल रखेचा अपनी कार्यकुशलता से कांकेर में बिगड़ी कानून व्यवस्था को सुधारेंगे और सांप्रदायिक तनाव को शांत करेंगे

प्रशासनिक सर्जरी के अन्य महत्वपूर्ण नाम

इन्दिरा कल्याण एलेसेला (IPS 2011) कांकेर एसपी के रूप में सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद अब उन्हें पदोन्नत कर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG), सशस्त्र बल, उत्तरी रेंज सरगुजा की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

वेदव्रत सिरमौर इन्हें पर्यटन मंडल से वापस बुलाकर गरियाबंद का नया एसपी बनाया गया है।

कानून व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

​गृह विभाग के अवर सचिव डी.एस. धुर्वे द्वारा जारी इस आदेश को पुलिस महकमे में एक पॉजिटिव मूव माना जा रहा है। सरकार का मुख्य फोकस संवेदनशील इलाकों में मजबूत और एक्टिव नेतृत्व प्रदान करना है। निखिल रखेचा जैसे ऊर्जावान अधिकारी की कांकेर में नियुक्ति से वहां सुरक्षा व्यवस्था और सामुदायिक पुलिसिंग को निश्चित तौर पर एक नई दिशा मिलेगी। ​गरियाबंद की जनता ने जहां उनके कार्यकाल की सराहना की है, वहीं अब कांकेर को एक ऐसा कप्तान मिला है जो अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है।

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