लगातार विवादों में रहे गरियाबंद खनिज अधिकारी रोहित साहू हटाए गए, अर्चना ठाकुर बनी नए सहायक खनिज अधिकारी म

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By Sangani

लगातार विवादों में रहे गरियाबंद खनिज अधिकारी हटाए गए गरियाबंद खनिज विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल लगातार विवादों और पत्रकारों के विरोध में रहे सहायक खनिज अधिकारी रोहित साहू का हुआ स्थानांतरण। अब अर्चना ठाकुर संभालेंगी गरियाबंद की कमान तो वहीं जितेंद्र चंद्राकर खनिज निरीक्षक के पद पर रहेंगे 22 अधिकारियों की सूची देखें।

गरियाबंद, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ शासन के खनिज विभाग ने देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर चलते हुए आखिरकार गरियाबंद में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सहायक खनिज अधिकारी रोहित साहू का स्थानांतरण कर दिया है। रोहित साहू का कार्यकाल पिछले कई महीनों से लगातार सुर्खियों और विरोध के केंद्र में रहा था। खनिज विभाग मंत्रालय, महानदी भवन से 8 दिसंबर की देर रात जारी आदेश के अनुसार, राज्य भर के 22 अधिकारियों का तबादला हुआ है। गरियाबंद की कमान अब अर्चना ठाकुर को सौंपी गई है, जिन्हें जिले का नया सहायक खनिज अधिकारी (AMO) नियुक्त किया गया है।

अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापनानवीन पदस्थापना
रोहित साहूसहायक खनिज अधिकारी, गरियाबंदसहायक खनिज अधिकारी, बेमेतरा
अर्चना ठाकुरसहायक खनिज निरीक्षक, बेमेतरासहायक खनिज निरीक्षक, गरियाबंद
जितेंद्र चंद्राकारखनिज निरीक्षक धमतरीखनिज निरीक्षक गरियाबंद

​लगातार विवादों में रहे विरोध और विवादों के बीच स्थानांतरण क्यों सुर्खियों में रहे रोहित साहू?

​रोहित साहू का स्थानांतरण लंबे समय से लंबित मांग थी। उनके कार्यकाल के दौरान अवैध रेत उत्खनन को लेकर कई गंभीर आरोप लगे, जिन्होंने जिले के प्रशासनिक माहौल को गर्माए रखा।पत्रकारों का खुला मोर्चा ज्ञात हो कि जून महीने में अवैध रेत खनन की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हमला और मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना के बाद, स्थानीय पत्रकार संगठनों ने खनिज अधिकारी रोहित साहू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उन पर अवैध रेत माफियाओं से सांठगांठ रखने के गंभीर आरोप लगाते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की थी।

अवैध खदानों के संचालन के आरोप रोहित साहू पर कई बार यह आरोप लगा कि उनके कार्यकाल में अवैध रेत खदानों का संचालन धड़ल्ले से जारी रहा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हालांकि उन्होंने कभी-कभी टास्क फोर्स के साथ बड़ी कार्रवाई भी की, लेकिन अवैध खनन के धंधे पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई थी।देरी से हुई कार्रवाई विरोध और विवादों के बावजूद साहू कुछ समय तक जिले में पदस्थ रहे, जिसने प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे। उनका स्थानांतरण ऐसे समय में हुआ है जब सरकार खनिज माफिया पर लगाम कसने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रही है।

लगातार विवादों में रहे

​गरियाबंद को मिला नया नेतृत्व जितेंद्र चंद्राकर संभालेंगे कमान

​रोहित साहू के जाने के बाद, जितेंद्र चंद्राकर अब गरियाबंद के खनिज विभाग की कमान संभालेंगे। माना जा रहा है कि उनके सामने अवैध रेत उत्खनन के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और जिले में खनिज संपदा के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने की बड़ी चुनौती होगी। यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल राज्य में खनिज गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और राजस्व रिसाव को रोकने की सरकार की नीति का हिस्सा है।

इसलिए भी उठ रहे सवाल

खनिज अधिकारी रोहित साहू की कार्यशैली को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे क्योंकि क्योंकि उनके पहले गरियाबंद में फागुलाल नागेश पदस्थ थे तो दिसम्बर 2019 से जनवरी 2025 तक थे तो वहीं रोहित साहू अपना सालभर का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर सके फरवरी 2025 में ज्वाइनिंग के बाद जून में उनके ऊपर रेत माफियाओं से साठगांठ और संरक्षण देने के आरोप लगे और महज 10 माह में उनका स्थानांतरण कर दिया गया ।

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