संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
2025 गरियाबंद पुलिस का रिपोर्ट कार्ड गरियाबंद पुलिस ने साल 2025 में 31 नक्सलियों को ढेर किया, 1 करोड़ का गांजा पकड़ा और 585 गुमशुदा मोबाइल बरामद किए। जानिए पूरी रिपोर्ट पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद अगर आप सोच रहे हैं कि साल 2025 में गरियाबंद में सिर्फ हरियाली बढ़ी है, तो जरा रुकिए, जिला पुलिस ने इस साल जो खाकी का जलवा दिखाया है, उसने अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस ने नक्सलियों से लेकर नशे के सौदागरों तक सबकी ऐसी क्लास ली है कि अब जिले में शांति का सवेरा नहीं, बल्कि नशा सवेरा गूंज रहा है। आइए डालते हैं गरियाबंद पुलिस की 2025 की उपलब्धियों पर एक नजर, जो अपराधियों के लिए किसी दुस्वप्न से कम नहीं है।

2025 गरियाबंद पुलिस का रिपोर्ट कार्ड नक्सल मोर्चे पर फाइनल स्ट्राइक 31 ढेर, 31 सरेंडर
नक्सलियों के लिए गरियाबंद के जंगल अब पिकनिक स्पॉट नहीं रहे पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मिलकर ऐसी घेराबंदी की कि 07 टॉप लीडर्स समेत कुल 31 नक्सली यमलोक सिधार गए।
- बरामदगी 49 राइफलें जब्त कर पुलिस ने उनके मंसूबों को ठंडा कर दिया है।
- हृदय परिवर्तन 31 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए कमाल की बात देखिए, इनमें से 5 तो अब खुद पुलिस आरक्षक बनकर कानून की रक्षा कर रहे हैं। बाकी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्किल सीख रहे हैं ताकि बंदूक की जगह रोजगार उनके हाथ में हो।
नया सवेरा गांजे की धुआं-धुआं विदाई
गरियाबंद पुलिस ने नशे के सौदागरों की अर्थव्यवस्था ही बिगाड़ दी है। नया सवेरा अभियान के तहत पुलिस ने
- 1.02 करोड़ रुपये का गांजा (790 किलो) जब्त किया।
- शराब प्रेमियों (अवैध बिक्री वाले) पर भी कहर टूटा 5060 लीटर अवैध शराब और 42 गाड़ियां जब्त की गईं।
- पैसों की वापसी ठगे गए 34.58 लाख रुपये पुलिस ने पीड़ितों के खातों में वापस कराए।
- मोबाइल रिकवरी अगर आपका फोन गुम हुआ था, तो शायद वो पुलिस के पास हो 1.17 करोड़ रुपये के 585 मोबाइल ढूँढकर उनके असली मालिकों को सौंपे गए।
- 2911 क्विंटल धान जब्त किया गया (कीमत ₹90.25 लाख)।
- 52 गाड़ियां अब पुलिस थाने की शोभा बढ़ा रही हैं।
| क्षेत्र | उपलब्धि/जब्ती | प्रभाव |
|---|---|---|
| नक्सल विरोधी | 31 ढेर, 31 आत्मसमर्पण | शांति बहाली |
| अपराध नियंत्रण | 25 जिलाबदर, 93 केस दर्ज | खौफ का अंत |
| नशा मुक्ति | ₹1 करोड़+ का गांजा जब्त | युवाओं की सुरक्षा |
| यातायात | ₹39.14 लाख जुर्माना | सुरक्षित सड़कें |
| साइबर | 585 मोबाइल बरामद | डिजिटल भरोसा |
अभिव्यक्ति से महिला सुरक्षा तक
महिला सुरक्षा के लिए अभिव्यक्ति ऐप और गुड टच-बैड टच जैसे कार्यक्रमों के जरिए पुलिस अब सिर्फ थानों में नहीं, बल्कि स्कूलों और मोहल्लों में फ्रेंडली गार्जियन बनकर खड़ी है। गरियाबंद पुलिस ने साल 2025 में यह साबित कर दिया है कि खाकी सिर्फ डंडा चलाना नहीं, बल्कि विश्वास कमाना भी जानती है। चाहे वो जंगल में नक्सली मोर्चा हो या साइबर स्पेस में ठगों से मुकाबला गरियाबंद पुलिस ऑन ड्यूटी है ।
मिशन 2026 क्या है गरियाबंद पुलिस का ब्लूप्रिंट ?
साल 2025 की शानदार सफलताओं के बाद, गरियाबंद पुलिस अब मिशन 2026 की तैयारी में जुट गई है। आने वाले साल में अपराधियों की खैर नहीं होगी, क्योंकि खाकी अब और भी स्मार्ट होने वाली है।
| आगामी लक्ष्य (2026) | पुलिस की रणनीति | अपेक्षित परिणाम |
|---|---|---|
| जीरो नक्सल मूवमेंट | आधुनिक तकनीक और ‘ड्रोन सर्विलांस’ का अधिक उपयोग। | जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य। |
| स्मार्ट साइबर सेल | एआई (AI) आधारित जांच और एक्सपर्ट्स की तैनाती। | ऑनलाइन ठगी पर 100% रिकवरी का प्रयास। |
| ड्रग-फ्री गरियाबंद | ‘नशा सवेरा’ का विस्तार और खुफिया तंत्र की मजबूती। | युवाओं को नशे के जाल से पूरी तरह बाहर निकालना। |
| हाई-टेक ट्रैफिक | प्रमुख चौराहों पर CCTV और ऑटोमैटिक चालान सिस्टम। | सड़क दुर्घटनाओं में 50% तक कमी लाना। |
| ई-पुलिसिंग | थानों के चक्कर काटने के बजाय ऑनलाइन सेवाओं पर जोर। | आम जनता को त्वरित न्याय और पारदर्शिता। |
अगले साल की चुनौती जनता का साथ, पुलिस का हाथ
गरियाबंद पुलिस का संकल्प है कि वर्ष 2026 में न केवल अपराध कम किए जाएं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच के डर को पूरी तरह दोस्ती में बदल दिया जाए। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अब फोकस प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर है यानी अपराध होने से पहले ही उसे रोकना।