​जतमई घटारानी में धूम मचाने आए थे 7 सूरमा, गरियाबंद पुलिस ने 24 घंटे में निकाल दी सारी हेकड़ी ।

Sangani

By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

गरियाबंद: जतमई और घटारानी… लोग यहाँ सुकून तलाशने और माता के दर्शन करने आते हैं, लेकिन कुछ क्रांतिकारी अपराधी यहाँ अपनी अलग ही फिल्म शूट करने पहुंच गए। सोचा था 3 बाइक पर 7 लोग सवार होकर धूम स्टाइल में लूटपाट करेंगे और रफूचक्कर हो जाएंगे। लेकिन वे भूल गए कि रील और रियल लाइफ में फर्क होता है, और रियल लाइफ में गरियाबंद पुलिस (Gariaband Police) का सिंघम मोड हमेशा ऑन रहता है। महज 24 घंटे। जी हाँ, 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने इन सातों बाहुबलियों को धर दबोचा और हवालात की हवा खिला दी।

दर्शन करने गए थे भक्त, मिल गए डकैत

​मामला 18 नवंबर 2025 का है। बेचारे प्रार्थी तुलेश्वर सेन अपने दोस्तों के साथ जतमई-घटारानी घूमने गए थे। शाम को 4 बजे वे भक्ति भाव से लौट रहे थे कि तभी केडिआमा तालाब के पास पीछे से तीन मोटरसाइकिलों पर सवार 7 लोगों ने उन्हें ओवरटेक किया।​स्टाइल ऐसा कि मानो हॉलीवुड फिल्म का सीन चल रहा हो। उन्होंने रास्ता रोका, चाबी छीनी और गाली-गलौज शुरू कर दी। इन महापुरुषों ने तीनों दोस्तों को पीटकर 3 मोबाइल और 4400 रुपये लूट लिए।

अब जरा गणित लगाइए… 7 लोग और लूट की रकम 4400 रुपये यानी प्रति व्यक्ति करीब 600 रुपये के आसपास। इतनी मेहनत, इतना जोखिम और हाथ लगा क्या? शायद इससे ज्यादा का पेट्रोल तो इन्होंने अपनी बाइकों में फूंक दिया होगा। इसे कहते हैं

खोदा पहाड़, निकली चुहिया”।

पुलिस का एक्शन आओ कभी हवालात में

​वारदात के बाद पुलिस ने इसे हल्के में नहीं लिया। मामला डकैती का था (धारा 296, 115(2), 310(2) BNS)। गरियाबंद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने छुरा थाना और साइबर सेल को सीधा निर्देश दिया इनकी कुंडली निकालो। ​पुलिस ने भी अपने मुखबिरों का नेटवर्क ऐसे एक्टिव किया जैसे मोबाइल का 5G नेटवर्क। नतीजा? एक-एक करके सातों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनमें एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) भी शामिल है, जो शायद अभी से ‘डॉन’ बनने की ट्रेनिंग ले रहा था।

ये हैं वो नवरत्न जो पुलिस की गिरफ्त में हैं

​पकड़े गए आरोपियों की प्रोफाइल भी कम दिलचस्प नहीं है। ये अलग-अलग जिलों (गरियाबंद, बेमेतरा, धमतरी, रायपुर) से एक साथ ‘जुगाड़’ बनाकर डकैती डालने आए थे।

  1. सत्यम साहू (22) – राजिम का निवासी।
  2. टिकु उर्फ टिकेश्वर यादव (23) – बेमेतरा से आयातित।
  3. हेमंत साहू उर्फ हिरेश (23) – राजिम।
  4. करन साहू (18) – अभी-अभी बालिग हुए हैं, धमतरी से।
  5. योगेश्वर उर्फ योगु निषाद (19) – राजिम।
  6. राहुल गेंडरे (26) – रायपुर का हिस्ट्रीशीटर ।
  7. एक नाबालिग साथी।

अपराधियों का पोर्टफोलियो

​इनमें से कुछ तो आदतन अपराधी हैं। राहुल गेंडरे और योगेश्वर निषाद पर पहले से ही मारपीट, आर्म्स एक्ट और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। मतलब, ये सुधरने का नाम नहीं ले रहे थे, तो पुलिस ने अब अच्छे से सुधारने का इंतजाम कर दिया है। ​पुलिस ने इनके पास से लूट के तीनों मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल 2 बाइक व 1 स्कूटी जब्त कर ली है।

निष्कर्ष कानून के हाथ बहुत लंबे (और तेज) हैं

​गरियाबंद पुलिस और साइबर सेल की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी फिल्मी क्यों न हो, उसका क्लाइमेक्स हमेशा लॉकअप में ही होता है। पर्यटकों को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जब तक पुलिस मुस्तैद है, ऐसे सड़क छाप डकैतों की दाल नहीं गलने वाली। फिलहाल, ये सातों आरोपी अब जेल की रोटियां तोड़ेंगे और हिसाब लगाएंगे कि 44 सौ रुपये के लिए डकैती डालना मुनाफे का सौदा था या ‘घाटे का’।

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