गरियाबंद की हेल्थ सर्विसेस ज्योति भी धुंधली,गजेन्द्र भी गुम… और जांच दल हतप्रभ स्टाफ गायब, नियम गायब, सरप्राइज़ टेस्ट में मिला शून्य ।

Sangani

By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

गरियाबंद की हेल्थ सर्विसेस स्वास्थ्य अमले की जांच ज्योति पैथोलॉजी और गजेन्द्र क्लिनिक में भारी अनियमितताएँ उजागर। स्टाफ अनुपस्थित, नियमों का उल्लंघन, और एक को बंद और एक को नोटिस जारी ।

गरियाबंद स्वास्थ्य विभाग ने 27 नवंबर को जिले की दो पैथोलॉजी और एक क्लिनिक का अचानक निरीक्षण किया और जो मिला… वह किसी कॉमेडी-थ्रिलर से कम नहीं ज्योति पैथोलॉजी जिसकी शहर में दो शाखाएँ हैं में हालात ऐसे थे जैसे लैब नहीं, गायब होने की प्रयोगशाला चल रही हो गजेन्द्र क्लिनिक तो मानो बिना पंजीयन के इमर्जेंसी एंट्री में ही चल रहा था।निरीक्षण के बाद विभाग ने दोनों संस्थानों को नोटिस थमा दिया है ज्योति पैथोलॉजी के लिए 7 दिन में सुधार का आदेश है, वरना लैब का लाइसेंस ही टेस्ट में फेल हो जाएगा।

गरियाबंद की हेल्थ सर्विसेस

गरियाबंद की हेल्थ सर्विसेस ज्योति पैथोलॉजी में सब गायब

स्वास्थ्य विभाग जब जिला अस्पताल के पास स्थित ज्योति पैथोलॉजी पहुँचा तो दृश्य कुछ ऐसा था संचालक गायब
पैथोलॉजिस्ट गायब,टेक्नीशियन गायब और जिम्मेदारी पता नहीं किस स्टोर रूम में बंद थी रैम्प नहीं, सेवाओं का बोर्ड नहीं, शौचालय नहीं, और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट भी जैसा चल रहा है, चलने दो मोड में ।

अब खास बात

ज्योति पैथोलॉजी की दूसरी शाखा तहसील रोड में भी है वहाँ जांच दल गया नहीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को मिली शिकायतों और स्थानीय जानकारी के आधार पर साफ है हालात वहाँ भी वही हैं, बस बोर्ड अलग है। और दोनों लैब का मालिक एक ही व्यक्ति
यानी कमी की फ्रेंचाइज़ी मॉडल गरियाबंद में सफलतापूर्वक लागू है

गजेन्द्र क्लिनिक रजिस्ट्रेशन नहीं, सुविधाएँ नहीं, फिर भी चल रहा था फुल सर्विस मॉडल

गजेन्द्र क्लिनिक में निरीक्षण दल पहुँचा तो पाया क्लिनिक बिना पंजीयन के ही इतने दिनों से चल रहा था। चिकित्सकों और स्टाफ की स्थिति नियमों के उलट थी। रैम्प नहीं, महिला-पुरुष शौचालय नहीं और वेस्ट मैनेजमेंट भी नियमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया पंजीयन नहीं है तो तत्काल क्लिनिक को खुद से बंद करे वरना कार्रवाई सुनिश्चित है ।

सीएमएचओ डॉ. यू. एस. नवरत्न का बयान दोनों लैब में खामियाँ, नोटिस जारी और कार्रवाई तय

निरीक्षण के बाद सीएमएचओ गरियाबंद डॉ. यू. एस. नवरत्न ने बताया कि मुख्यालय क्षेत्र में दो पैथोलॉजी लैब की जांच की गई दोनों में काफी खामियाँ पाई गई हैं। दोनों को नोटिस जारी किया गया है और आवश्यक सुधार न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में और भी लैब और प्राइवेट हॉस्पिटल की जांच की जाएगी ।

मुख्यालय में हेल्थ सर्विसेस की ऐसी सेहत ? मरीज क्या, जांच दल भी परेशान

गरियाबंद की इन दोनों स्वास्थ्य संस्थाओं का हाल हमें यही संदेश देता है।यहाँ टेस्ट से ज्यादा, टेस्ट देने वाले गायब मिलते हैं। ज्योति पैथोलॉजी की दो शाखाएँ हों या गजेन्द्र क्लिनिक स्टाफ से ज्यादा सन्नाटा, और सुविधाओं से ज्यादा सवाल मौजूद हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस देकर गेंद उनके पाले में डाल दी है। अब देखना यह है कि अगले 7 दिनों में लैब और क्लिनिक की सेहत सुधरती है या प्रशासन ही इन्हें इलाज दे देगा ।

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