बीजापुर मुठभेड़ जंगल में कौन सा मॉन्स्टर ढेर? 15 लाशें, DRG का बलिदान और एक इंटलीजेंस किंगपिन का गेम ओवर ।

Sangani

By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

बीजापुर मुठभेड़ नक्सल संगठन का सबसे बड़ा इंटलीजेंस कमांडर वेल्ला मोडियम कहाँ गायब हुआ ? 15 लाशें, AK47 का जखीरा और DRG की शहादत। बीजापुर ऑपरेशन का सस्पेंस जानें पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद बस्तर के बीहड़ों से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों की ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई है। गंगालूर एरिया कमेटी में आतंक का पर्याय बने खूंखार नक्सली कमांडर वेल्ला मोडियम उर्फ़ मंगू मोडियम को एक हाई-वोल्टेज मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। इस ऑपरेशन में वेल्ला समेत कुल 15 दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराया गया है।

बीजापुर मुठभेड़

बीजापुर मुठभेड़ वेल्ला माओवादी इंटलीजेंस विंग का किंगपिन

मारा गया कमांडर वेल्ला मोडियम केवल एक हार्डकोर नक्सली नहीं था, बल्कि वह संगठन के भीतर एक रणनीतिक मास्टरमाइंड था। वह नक्सलियों के इंटलीजेंस विंग का कमांडर था, यानी माओवादी संगठन की हर बड़ी चाल के पीछे उसका ही दिमाग काम करता था। इसके अलावा, वह CYPCM और दुर्दांत IC कंपनी नम्बर 02 का भी कमांडर था, जो उसे संगठन के सबसे खतरनाक और उच्च पदस्थ कैडरों में से एक बनाता था।

वेल्ला का खूनी रिकॉर्ड पेद्दाकोरमा में एक नाबालिग, एक छात्र और एक ग्रामीण की बर्बर हत्याओं का मुख्य मास्टरमाइंड यही खूंखार कमांडर था। सुरक्षाबलों के लिए वह एक ‘मोस्ट वांटेड’ टारगेट था।

डीआरजी के जांबाजों का शौर्य तीन शहीद, दो घायल

​यह विजय आसान नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, हमारे जांबाज सुरक्षाबलों ने बहादुरी का वो प्रदर्शन किया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा इस भीषण और लंबी चली मुठभेड़ में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन बहादुर जवान शहीद हो गए हैं, जिन्होंने देश के लिए अपनी शहादत दी। वहीं, दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए ले जाया गया है। हमारे जवानों का शौर्य और बलिदान इस ऐतिहासिक जीत की नींव है।

हथियार का बड़ा जखीरा बरामद नक्सलियों की कमर टूटी

​मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। वहां से भारी मात्रा में ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें AK47, INSAS, और SLR जैसी अत्याधुनिक राइफलें शामिल हैं। 15 नक्सलियों के मारे जाने और हथियारों का यह जखीरा जब्त होने से गंगालूर एरिया कमेटी की रीढ़ पूरी तरह टूट गई है, जो क्षेत्र में नक्सलियों के प्रभाव को बड़ा झटका देगा।

​सुरक्षाबलों का यह ऑपरेशन क्लीन बस्तर में शांति बहाली की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा है।

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