संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के जंगलों से आज एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे प्रदेश को चौंका दिया है। लंबे समय से दहशत का पर्याय बने नक्सलियों के एक बड़े जत्थे ने अचानक हथियार डालकर सबको हैरान कर दिया। इस सरेंडर के पीछे की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है, जहां अपनों की पुकार ने गोलियों की गूंज को शांत कर दिया।

जंगल में गूंजी मार्मिक अपील और बदल गया मंजर
इस बड़ी सफलता के पीछे सुरक्षा बलों की रणनीति के साथ-साथ एक भावनात्मक पहलू भी शामिल है। कल ही सोशल मीडिया पर बलदेव और उषा के परिजनों का एक वीडियो वायरल हुआ था, हालांकि उषा ने अभी सरेंडर नहीं कया है मंजू ने कर दिया है जिसमें उन्होंने रोते हुए अपने बच्चों से घर लौटने की गुहार लगाई थी। साथ ही, मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नक्सलियों ने भी जंगलों में संदेश भिजवाया था कि हिंसा छोड़ो, शांति चुनो।

कितने और कौन हुए शामिल? (अंदरूनी जानकारी)
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार सरेंडर करने वालों की संख्या और प्रोफाइल काफी चौंकाने वाली है:
- बड़ी संख्या में समर्पण कुल 9 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिनमें से कुछ डीबीसी मेंबर है
- महिला शक्ति का मोहभंग सरेंडर करने वालों में 6 महिलाएं शामिल हैं, जो संगठन में अहम भूमिका निभा रही थीं।
- पुरुष कैडर इनके साथ 3 पुरुष नक्सलियों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर हथियार डाले हैं।
इन सभी ने अपने आधुनिक हथियारों ( कितने हथियार है इसका खुलासा अभी अभी हुआ है) के साथ प्रशासन के सामने घुटने टेक दिए हैं।
एसपी गरियाबंद करेंगे आधिकारिक खुलासा
इस पूरे ऑपरेशन और आत्मसमर्पण की विस्तृत जानकारी देने के लिए गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर कुछ ही देर में मीडिया के सामने आएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन नक्सलियों से पूछताछ में कई बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।