संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
राजिम कुंभ कल्प सुरक्षा व्यवस्था चारों तरफ जबरदस्त पहरा ,गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर के नेतृत्व में 1200 जवानों और 380 सीसीटीवी कैमरों की तीसरी आँख से घिरा मेला क्षेत्र। क्या है पुलिस का सीक्रेट सुरक्षा प्लान ? महाशिवरात्रि तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बिछाया गया अभेद्य जाल पूरी खबर पढ़ें पैरी टाईम्स पर.
गरियाबंद धर्म, आस्था और संगम की नगरी राजिम में इन दिनों आस्था का जनसैलाब उमड़ा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस भीड़ के बीच आपकी सुरक्षा के लिए एक ऐसा डिजिटल जाल बुना गया है, जिसकी भनक किसी को नहीं है? गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक (SP) वेदव्रत सिरमौर ने राजिम कुंभ कल्प के लिए सुरक्षा का एक ऐसा मास्टरप्लान तैयार किया है, जो अपराधियों के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है।

राजिम कुंभ कल्प सुरक्षा व्यवस्था, अभय कवच में तब्दील हुआ कुंभ क्षेत्र
राजिम कुंभ कल्प केवल साधु-संतों और श्रद्धालुओं का समागम ही नहीं रह गया है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से एक अभेद्य किले में तब्दील हो चुका है। एसपी वेदव्रत सिरमौर ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले की सुरक्षा को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया गया है। 1 फरवरी से शुरू हुए इस महाकुंभ में महाशिवरात्रि तक सुरक्षा का यही सख्त पहरा जारी रहेगा।
380 तीसरी आँखें और हाई-टेक कंट्रोल रूम
मेला क्षेत्र के कोने-कोने में 380 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं कर रहे, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों को भांपने के लिए विशेष रूप से तैनात किए गए हैं। एसपी सिरमौर के अनुसार, एक केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है जहाँ 24 घंटे इन कैमरों की लाइव फीड मॉनिटर की जा रही है। अगर कहीं भी कोई संदिग्ध बैग, लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है, तो पलक झपकते ही पुलिस टीम वहां पहुंच जाएगी।
12 सौ जवानों की दीवार
जमीन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी 12 सौ जांबाज पुलिस जवानों के कंधों पर है। ये जवान दिन-रात, शिफ्टों में काम कर रहे हैं। इनमें सादे लिबास में तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो भीड़ का हिस्सा बनकर जेबकतरों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रख रहे हैं।
एसपी वेदव्रत सिरमौर ने स्पष्ट किया है कि
हमारा प्राथमिक लक्ष्य श्रद्धालुओं को एक भयमुक्त और सुगम वातावरण प्रदान करना है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि कोई भी अवांछित तत्व मेले की मर्यादा को भंग नहीं कर पाएगा। 12 सौ जवानों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
मेले में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग से हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। एसपी ने बताया कि संगम के घाटों पर गोताखोरों की टीम तैनात है और पेट्रोलिंग गाड़ियां लगातार गश्त कर रही हैं। सुरक्षा का यह चक्रव्यूह इसलिए रचा गया है ताकि महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस उत्सव में कोई भी अप्रिय घटना न हो सके ।
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