पटोरा में तेंदुए ने किया हमला! 5 साल की बच्ची कोनिका को उठाकर भाग रहे तेंदुए से माता-पिता ने भिड़कर बचाई जान। 24 घंटे में दूसरी वारदात से बढ़ा खौफ। पूरी खबर पढ़ें।
गरियाबंद इलाके में आदमखोर तेंदुए का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब मासूम बच्चे अपने घरों के आंगन में भी सुरक्षित नहीं हैं। पटोरा से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मौत और जिंदगी के बीच चंद सेकंड का फासला बचा था। एक भूखे तेंदुए ने 5 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाने के लिए उसके घर के पास से उठा लिया, लेकिन माता-पिता की जांबाजी और ममता के आगे यमराज बनकर आए तेंदुए को भी घुटने टेकने पड़े।

घर के आंगन से मासूम कोनिका को उठा ले गया तेंदुआ
घटना के वक्त 5 साल की मासूम कोनिका (कुमार कमार) अपने घर के बाहर ही मौजूद थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। तेंदुआ बच्ची को अपने जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा।
जैसे ही तेंदुए ने मासूम को दबोचा, वह दर्द और डर के मारे चीख उठी। बच्ची की चीख पुकार सुनकर घर के अंदर मौजूद माता-पिता बिना अपनी जान की परवाह किए बाहर की तरफ दौड़े।
मौत के मुंह से खींच लाए जिंदगी माता-पिता का साहसिक मुकाबला
अपनी आंखों के सामने कलेजे के टुकड़े को तेंदुए के जबड़े में देखकर माता-पिता का खौफ गुस्से में बदल गया। उन्होंने शोर मचाते हुए सीधे तेंदुए की तरफ दौड़ लगा दी। परिजनों की गगनभेदी चीख-पुकार और आक्रामक रुख को देखकर तेंदुआ सकपका गया। इंसानों को भारी पड़ता देख तेंदुए के हौसले पस्त हो गए और वह मासूम कोनिका को वहीं छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला। माता-पिता ने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी लाडली को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया ,बच्ची को इलाज के लिए गरियाबंद जिला अस्पताल लाया गया है जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है घटना की जानकारी लगते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है
24 घंटे के भीतर दूसरा हमला, इलाके में भारी दहशत
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। गौरतलब हो कि ठीक एक दिन पहले (कल) भी पास के ही चट्टान पारा इलाके में ऐसा ही एक खौफनाक मंजर देखने को मिला था। वहां भी एक तेंदुए ने 10 साल के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे उठाकर ले जाने का प्रयास किया था, जिसे माता पिता के द्वारा ऐन वक्त पर बचाया था। स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के जानकारों की मानें तो दोनों हमलों का तरीका बिल्कुल एक जैसा है। आशंका जताई जा रही है कि आज जिस 5 साल की बच्ची पर हमला हुआ है, वह उसी आदमखोर तेंदुए ने किया है जिसने कल चट्टान पारा में तबाही मचाई थी।
लगातार दो दिनों में दो मासूमों को निशाना बनाए जाने के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोग अब शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।