गांजा एक्सप्रेस पर गरियाबंद पुलिस का ब्रेक ने देवभोग, इंदागांव और पायलीखण्ड क्षेत्र में अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 81.374 किलोग्राम गांजा, चार वाहन और 13 मोबाइल जब्त किए। 40 लाख से अधिक कीमत के गांजा के साथ 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
गरियाबंद लगता है कि ओडिशा से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान तक चल रही कथित “गांजा डिलीवरी सर्विस” को इस बार गरियाबंद पुलिस ने ऐसा ब्रेक लगाया कि तस्करों का पूरा नेटवर्क ही सड़क पर फंस गया। जिन रास्तों से अवैध मादक पदार्थ की खेप आराम से गुजरने की उम्मीद थी, वहीं पुलिस की चौकसी ने पूरी कहानी बदल दी,नतीजा यह रहा कि अलग-अलग चार मामलों में 81.374 किलोग्राम गांजा, चार वाहन, 13 मोबाइल और कुल मिलाकर करीब 47 लाख रुपये की संपत्ति पुलिस के कब्जे में पहुंच गई, जबकि 9 आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।

गांजा एक्सप्रेस पर गरियाबंद पुलिस का ब्रेक एसपी के निर्देश पर लगातार कार्यवाही
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और अंतरराज्यीय सीमाओं पर सघन वाहन जांच शुरू की गई। इसी अभियान के दौरान एक के बाद एक कार्रवाई ने तस्करों की पूरी योजना पर पानी फेर दिया।
देवभोग में दो कारों से निकली गांजे की बड़ी खेप
अंतरराज्यीय चेक पोस्ट खुटगांव में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध कारों को रोका, तलाशी लेने पर पहली कार से 8.100 किलोग्राम और दूसरी कार से 40.200 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। कुल 48.300 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों कारों को भी जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
इंदागांव में बिना नंबर की बाइक बनी शक की वजह
इधर थाना इंदागांव क्षेत्र में पुलिस की नजर बिना नंबर प्लेट वाली सीडी डिलक्स मोटरसाइकिल पर पड़ी। रोककर तलाशी लेने पर बाइक सवार दो युवकों के पास से 10 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। दोनों आरोपी राजस्थान के कोटा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने गांजा और मोटरसाइकिल जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पायलीखण्ड में बस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पहुंच गई पुलिस
थाना पायलीखण्ड (जुगाड़) क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली कि चार व्यक्ति बैगों में गांजा लेकर बस का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो संदिग्ध भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें मोटरसाइकिल सहित पकड़ लिया गया। तलाशी में तीन बैगों से 22.740 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। चारों आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय भेज दिया गया।
तस्करी का नेटवर्क, लेकिन पुलिस की तैयारी ज्यादा मजबूत
इन चार अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कुल 81.374 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 40 लाख 68 हजार 700 रुपये बताई गई है। इसके अलावा दो कार, दो मोटरसाइकिल और 13 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि अंतरराज्यीय सीमा का इस्तेमाल कर अवैध कारोबार करने वाले गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की सक्रिय निगरानी और लगातार बढ़ती चेकिंग उनके लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जिस सप्लाई चेन के भरोसे तस्कर लाखों की कमाई का सपना देख रहे थे, वह इस बार सीधे थाने के मालखाने तक पहुंच गई।