गरियाबंद। कोपरा में शराब दुकान खोलने को लेकर नगर में जबरदस्त विवाद छिड़ गया है। नगर पंचायत के इस फैसले पर शराब दुकान के समर्थन और विरोध में दो धड़े आमने-सामने आ गए हैं। जहां एक पक्ष का कहना है कि शराब दुकान से राजस्व बढ़ेगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी, वहीं दूसरा पक्ष इसे सामाजिक बुराइयों को बढ़ाने वाला कदम बता रहा है।

शराब दुकान के समर्थन में क्यों उतरे लोग?
कोपरा में शराब दुकान को लेकर नगर के व्यापारियों और कुछ नागरिकों ने शराब दुकान खोलने की मांग करते हुए नगर पंचायत को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि आस-पास के गांवों में पहले से ही शराब बिक रही है, ऐसे में कोपरा के लोगों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। साथ ही, यह भी तर्क दिया जा रहा है कि शराब दुकान से होने वाली आय नगर विकास में सहायक होगी।
शराब दुकान के विरोध में कौन और क्यों?
दूसरी ओर, कोपरा में शराब दुकान को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष समेत कई सामाजिक संगठन कोपरा में शराब दुकान खुलने का विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे अपराध, घरेलू हिंसा और सामाजिक बुराइयां बढ़ेंगी। अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि “ऐसे विकास की कोई जरूरत नहीं।”
क्या कहती है नगर पंचायत?
नगर पंचायत ने कोपरा में शराब दुकान के इस विवाद को सुलझाने के लिए वार्ड स्तर पर जनता की राय लेने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के आधार पर ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक रंग ले सकता है मामला
कोपरा में शराब दुकान का यह मामला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बनता दिख रहा है। एक पक्ष इसे आर्थिक लाभ से जोड़ रहा है, जबकि दूसरा सामाजिक नुकसान पर जोर दे रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि कोपरा में शराब दुकान खुलेगी या विरोधी गुट की बात मानी जाएगी?