संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद खाद्य विभाग के सहायक प्रोग्रामर राहुल मेश्राम पर लगे गंभीर आरोप। फोन न उठाने पर हटाते हैं राशन दुकान की मैपिंग, शिकायत के बाद भी 26 जनवरी को मिला सम्मान पढ़े पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद कहते हैं कि सरकारी तंत्र में ऊपर वाले की मेहरबानी हो, तो दाग भी गहने बन जाते हैं। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले का खाद्य विभाग इन दिनों कुछ ऐसी ही महानता के लिए चर्चा में है। मामला एक ऐसे संविदा कर्मचारी का है, जिसकी मनमर्जी से ऑफिस के बड़े कर्मचारी भी खौफ खाते है इनसे छुरा और गरियाबंद ब्लॉक के राशन दुकानदार परेशान है, लेकिन विभाग ने उसे दंड देने के बजाय गणतंत्र दिवस पर प्रशस्ति पत्र थमा दिया।

गरियाबंद खाद्य विभाग सुपरपावर वाला सहायक प्रोग्रामर फोन नहीं उठाया तो काट दी मैपिंग
गरियाबंद खाद्य विभाग में पदस्थ सहायक प्रोग्रामर राहुल मेश्राम की कार्यशैली किसी दबंग फिल्म के विलेन जैसी बताई जा रही है। आरोप है कि यदि कोई राशन दुकान संचालक इनका फोन न उठाए, तो ये साहब गुस्से में आकर उस दुकान की मैपिंग ही हटा देते हैं।

मैपिंग हटने का सीधा मतलब है गरीबों के निवाले पर ताला,छुरा जैसे वनांचल क्षेत्रों में जहां ग्रामीण कोसों दूर से राशन लेने आते हैं, वहां राहुल मेश्राम की मूड स्विंग की वजह से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। दिलचस्प बात यह है कि मैपिंग हटाने का अधिकार बड़े अधिकारियों को भी नहीं है, लेकिन ये टेक्निकल टाइगर अपनी मर्जी के मालिक हैं।
घटनाक्रम जब रक्षक ही बन गया भक्षक
शिकायतों और दस्तावेजों के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम को देखें, तो यह किसी डार्क कॉमेडी से कम नहीं है
- दिसंबर 2025 का प्रतिवेदन खाद्य निरीक्षक छुरा ने 09.12.2025 को बाकायदा लिखित रिपोर्ट दी थी कि राहुल मेश्राम तकनीकी समाधान करने के बजाय समस्या पैदा कर रहे हैं। (उदाहरण: बिरोडार दुकान आईडी- 512012079)।
- खुलेआम धमकी रिपोर्ट के अनुसार, राहुल मेश्राम ने उच्च अधिकारियों से अशिष्टता की और कहा फोन नहीं उठाओगे तो मैपिंग हटा दूंगा, तौल मशीन सील करवा दूंगा । 3. कलेक्टर तक नहीं पहुंची फाइल सूत्रों की मानें तो इनके खिलाफ शिकायत गरियाबंद कलेक्टर तक पहुंचने ही नहीं दी गई। यहाँ खाद्य अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
- 26 जनवरी का महा-पुरस्कार जिस कर्मचारी पर FIR की तैयारी होनी चाहिए थी, उसे विभाग ने गणतंत्र दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करवा दिया। जनता समझ नहीं पा रही कि यह सम्मान काम के लिए था या मैपिंग हटाने की बहादुरी के लिए?
साहब की मेहरबानी दागी को दोबारा सुरक्षित जगह ।
चर्चा केवल राहुल मेश्राम तक सीमित नहीं है। गरियाबंद खाद्य विभाग में एक और कर्मचारी हैं, जो महिला संबंधी अपराध में 2 दिन जेल की हवा खा चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें बाहर भेजा गया था, लेकिन जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे उन्हें वापस मुख्य कार्यालय ले आए।
पोस मशीन से हेरफेर की चर्चा
राहुल मेश्राम पर मैपिंग बंद करने के गंभीर आरोप नहीं है उन पर ऑफिस में पड़ी एक पोस मशीन से भी छेड़छाड़ करने की जानकारी मिली ही इस मशीन में आई पासवर्ड डालकर दुकानदार की प्राप्ति को सेटल करने की जानकारी भी सामने आई है हालांकि पैरी टाईम्स इसकी पुष्टि नहीं करता है ।
रिटायरमेंट का कार्ड और ठंडी दाल का तड़का
ये वही विभाग है जिसके प्रभारी मंत्री ने 26 जनवरी को ही ठंडा भोजन परोसने और कुप्रबंधन को लेकर क्लास लगाई थी। चर्चा थी कि कार्रवाई तय है, लेकिन साहब ने रिटायरमेंट का कार्ड खेल दिया और बच निकले। गरियाबंद में चर्चा है कि गरियाबंद खाद्य विभाग जो जितना विवादास्पद है, वह उतना ही पुरस्कृत है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन टेक्निकल तानाशाहों पर लगाम कसेगा या फिर अगली बार इन्हें किसी और पदक से नवाजा जाएगा?
खाद्य अधिकारी बोले कार्यवाही के लिए दिया है
इस पूरे मामले को लेकर जब खाद्य आधिकारी से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि राहुल मेश्राम के खिलाफ शिकायत आई है कार्यवाही के लिए दिया गया है वही जेल जाने वाले कर्मचारी को ऑफिस वापस लाने पर बोले की स्टॉफ की कमी के चलते उसे बुलाया गया है ।
कलेक्टर बोले जानकारी नहीं देखकर बताता हु
इस पूरे मामले को लेकर गरियाबंद कलेक्टर बोले कि मुझे जानकारी नहीं इसकी शिकायत कब आई है या नहीं मिली है यह देखकर ही बता पाऊंगा ।