राजिम कुंभ कल्प मेले में दुकान आवंटन को लेकर व्यापारियों का प्रदर्शन, गरियाबंद प्रशासन पर 1 हजार वसूली और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप ।
गरियाबंद राजिम कुंभकल्प मेले का आगाज हो चुका है, लेकिन इस बार मेले में पुण्य से ज्यादा पैसे की चर्चा है। लोमस ऋषि आश्रम के पास का नजारा इन दिनों किसी आध्यात्मिक शिविर जैसा नहीं, बल्कि एक अघोषित धरना स्थल जैसा नजर आ रहा है। यहाँ मगरलोड क्षेत्र के व्यापारी और जनप्रतिनिधि प्रशासन की अदभुत कार्यप्रणाली का गुणगान (नारेबाजी) कर रहे हैं।

राजिम कुंभ कल्प में हजार-हजार की पर्ची और उपेक्षा की आरती
मेले में दुकान आवंटन को लेकर व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने सुविधा शुल्क के नाम पर वसूली का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। आरोप है कि दुकान आवंटन के लिए व्यापारियों से अनुचित तरीके से 1 हजार वसूले जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह कुंभ है या वसूली मेला, समझ नहीं आ रहा।
दूसरी ओर, मगरलोड जनपद के जनप्रतिनिधियों का दर्द अलग ही है। उनका कहना है कि प्रशासन ने उन्हें आयोजन से ऐसे गायब कर दिया है जैसे धूप में कपूर! उपेक्षा से नाराज माननीय अब गरियाबंद जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर सुर से सुर मिला रहे हैं।
प्रशासनिक लापरवाही का महाकुंभ
राजिम कुंभकल्प की शुरुआत ही विरोध प्रदर्शनों के साथ हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि व्यवस्था बनाने के नाम पर केवल अव्यवस्था ही परोसी जा रही है। लोमस ऋषि आश्रम के पास धरने पर बैठे लोग अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।