हिमांशु साँगाणी/गरियाबंद
गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में अवैध धान परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत देवभोग के नायब तहसीलदार विजय कुमार सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया है। उन्हें देवभोग से गरियाबंद भू अभिलेख शाखा में भेजा गया है। हालांकि, इस कदम को ‘प्रशासनिक दृष्टिकोण’ से लिया गया फैसला बताया गया है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कदम अवैध धान परिवहन के बढ़ते मामलों के कारण उठाया गया है।

लगातार मिल रही शिकायतो के बाद हुई कार्रवाई ।
विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इस विषय पर वरिष्ठ अधिकारियों के पास अवैध धान के परिवहन की शिकायतें लगातार पहुंच रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया। जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस बार अवैध धान तस्करी पर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नाके और टीमो की तैनाती के बावजूद उन्ही रास्तो से सबसे अधिक परिवहन ।
ओडिशा की सीमावर्ती इलाकों से देवभोग और छुरा क्षेत्र से सबसे अधिक धान की तस्करी होती है। लेकिन कई सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे तितलखूंटी बोर्डर, झाखरपारा, बरही, और खूंटगांव नाका से अभी भी बड़ी मात्रा में अवैध धान राज्य में पहुंच रहा है। यहां के मार्गों से हर साल सैकड़ों टन धान अवैध रूप से छत्तीसगढ़ लाया जाता है। प्रशासन ने कई जगहों पर टोल नाके और टीमों की तैनाती की है ।
क्या प्रशासन की रणनीति प्रभावी है?
देवभोग और छुरा जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमों की मौजूदगी के बावजूद धान तस्करी का रुकना समस्या बना हुआ है। या तो धान पकड़ने वाली टीम प्रशिक्षित नही है या फिर यही टीम धान माफियाओं को सिंचित करने में लगी हुई है । स्थानीय लोगों की कथित मिलीभगत और तस्करों की चालाकी के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। हालांकि देवभोग क्षेत्र में तहसीलदार के तबादले के बाद हलचल मची हुई । इन इलाकों में निगरानी के बावजूद तस्करों की गतिविधियां प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इन इलाकों में सख्त निगरानी और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है