हिमांशु साँगाणी/ गरियाबंद
बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या के विरोध में बीजापुर में जन आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय पत्रकारों और आम जनता ने बीजापुर मुख्यालय में चक्का जाम कर न्याय की मांग उठाई। हत्या से उपजे रोष के चलते बीजापुर में स्वस्फूर्त बंद का माहौल बना हुआ है, शहर की सभी दुकानें बंद हैं। इसके अलावा राजधानी समेत राज्यभर में मुकेश की हत्या का विरोध कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है ।

पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी रितेश चंद्रकार और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि रितेश चंद्रकार को दिल्ली से गिरफ्तार कर बीजापुर लाया गया है। वहीं, इस मामले में शामिल मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार को भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
SIT जांच और बुलडोजर एक्शन
हत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने SIT का गठन किया है। साथ ही, आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के अवैध कब्जों पर प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है। गंगालूर सड़क पर सुरेश चंद्रकार द्वारा किए गए पांच एकड़ वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया है।
इसके अलावा, प्रशासन ने आरोपी ठेकेदार के सभी बैंक खातों को होल्ड कर दिया है, ताकि वह किसी भी तरह से कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश न कर सके।
हत्या की पूरी कहानी
1 जनवरी की रात को पत्रकार मुकेश चंद्रकार अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इसके बाद 3 जनवरी को ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक से उनका शव बरामद किया गया। इस घटना ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के पत्रकारों को झकझोर कर रख दिया है। कई राज्यों में इस हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पत्रकार संगठनों ने हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल
मुकेश चंद्रकार की हत्या ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार संगठनों ने सरकार से मांग की है कि पत्रकार सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू किया जाए और पत्रकारों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाए। इस पूरे मामले पर प्रदेश की सरकार और प्रशासन की सख्ती जारी है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोक पाएगी?