संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद नालंदा परिसर निर्माण का टेंडर जारी… लेकिन आखिर क्यों बोले अध्यक्ष रिखी राम यादव अभी तो विकास की असली सौगात बाकी हैं? पढ़े पूरी खबर पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद जिला मुख्यालय की सुबह बीते कुछ दिनों से अलग दिख रही है चाय की दुकानों से लेकर कोचिंग सेंटरों तक एक ही चर्चा नालंदा परिसर निर्माण का टेंडर जारी वर्षों से जिस अध्ययन केंद्र का इंतजार विद्यार्थी कर रहे थे, वह अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने की ओर बढ़ चुका है, गरियाबंद नालंदा परिसर निर्माण को शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अब रायपुर या बड़े शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी नहीं होगी।

गरियाबंद नालंदा परिसर निर्माण, युवाओं के सपनों को मिलेंगे नए पंख
गरियाबंद का यह नालंदा परिसर का निर्माण केवल एक सरकारी इमारत के तौर पर नहीं बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए सपनों का लॉन्चपैड साबित होगा, अक्सर देखा गया है कि आर्थिक अभाव या संसाधनों की कमी के कारण गरियाबंद के प्रतिभावान छात्र रायपुर या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं कर पाते थे।
इस समस्या का समाधान अब खुद गरियाबंद में होगा,यह परिसर पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड इंटरनेट और एक शांत अध्ययन वातावरण से लैस होगा। यहाँ UPSC, PSC, बैंकिंग और व्यापमं जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को वह विश्वस्तरीय माहौल मिलेगा, जिसकी वे वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे थे।

नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव बोले यह तो बस शुरुआत है
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव ने समस्त नगरवासियों और पालिका परिवार को बधाई देते हुए अपने भविष्य के इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को गरियाबंद के विकास की पहली सीढ़ी बताया है।
अध्यक्ष रिखी राम यादव ने आत्मविश्वास के साथ कहा नालंदा परिसर का निर्माण हमारी प्राथमिकता थी और आज इसका टेंडर जारी होना हमारे संकल्प की जीत है। लेकिन मैं क्षेत्रवासियों को यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि यह तो बस शुरुआत है। भविष्य में मेरे पास ऐसी कई और बड़ी योजनाएं और अनमोल सौगातें हैं, जिन्हें मैं चरणबद्ध तरीके से जनता को समर्पित करूँगा। मेरा एकमात्र लक्ष्य गरियाबंद को विकास और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है।
शिक्षा और विकास का संगम
स्थानीय वरिष्ठ जनों का मानना है कि नालंदा परिसर के बनने से गरियाबंद में शिक्षा का स्तर सुदृढ़ होगा और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे। निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इसके लिए पालिका प्रशासन पूरी तरह सजग है।
इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो छोटे शहरों में भी महानगरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आइए, हम सब मिलकर गरियाबंद को एक एजुकेशन हब बनाने के इस संकल्प में सहभागी बनें।
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