हिमांशु साँगाणी
देवभोग, गरियाबंद: देवभोग पंचायत चुनाव 2025 में सोशल मीडिया के ‘शॉर्टकट’ ने सहायक ग्रेड-2 विजय कश्यप को नौकरी से ‘लॉन्गकट’ पर भेज दिया! उनके खिलाफ ग्राम गिरसूल, देवभोग निवासी कन्हैया मांझी ने राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत की थी कि उन्होंने मतगणना की गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया पर लीक कर दी।

“Breaking News” बनने की हड़बड़ी, सरकारी नौकरी पर भारी!
25 फरवरी 2025 को कन्हैया मांझी ने शिकायत दर्ज कराई कि विजय कश्यप ने राजनीतिक ग्रुप “रत्नांचल देवभोग” में सुबह 11:10 बजे ही चुनाव परिणाम पोस्ट कर दिया। इसमें बताया गया कि “देशबंधु नायक 136 वोट से जीते हैं”—जबकि अधिकृत घोषणा अभी बाकी थी!
अब सवाल उठता है कि श्रीमान कश्यप जी को ये VIP एक्सक्लूसिव खबर कहां से मिली? क्या उन्हें ‘बिग ब्रेकिंग’ देने का शौक था, या फिर कुछ और…?
27 फरवरी: कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने भी माना चुनाव में की घोर लापरवाही
शिकायत की जांच के बाद, गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने 27 फरवरी को विजय कश्यप के कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और चुनावी गोपनीयता नियमों का उल्लंघन मानते हुए पत्राचार किया ।
10 मार्च: राज्य निर्वाचन आयोग ने की पुष्टि, 20 मार्च को विजय कश्यप ‘आउट’
10 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के अपर सचिव ने गरियाबंद कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्णय की पुष्टि की और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। फिर 20 मार्च 2025 को उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने आदेश जारी कर विजय कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
क्या कन्हैया मांझी बने जनता की आवाज़?
इस पूरे मामले में कन्हैया मांझी की भूमिका अहम रही, जिन्होंने निर्वाचन आयोग तक शिकायत पहुंचाई और प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
सबक: सरकारी कर्मचारी और सोशल मीडिया—खतरनाक मेल!
अगर आप भी सरकारी सेवा में हैं और सोच रहे हैं कि “थोड़ी सी एक्सक्लूसिव खबर लीक कर दूं, क्या फर्क पड़ेगा?”, तो विजय कश्यप से सीख लीजिए! क्योंकि इस छोटी सी गलती की कीमत नौकरी से निलंबन तक चुकानी पड़ सकती है।
अब देखना यह होगा कि विजय कश्यप की यह ‘ब्रेकिंग न्यूज’ उनके करियर के लिए ‘लास्ट न्यूज’ साबित होगी या फिर वह वापसी करेंगे?