गरियाबंद में नक्सली ढेर, मौत के बाद भी बनी चुनौती , 60 घंटे की मुठभेड़ के बाद भी नक्सलियों की चालों से क्यों सतर्क हुई पुलिस ?

Photo of author

By Himanshu Sangani

हिमांशु साँगाणी गरियाबंद

गरियाबंद जिले में हुए एनकाउंटर ने नक्सली मोर्चे पर एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा कर दी है। 14 नक्सलियों को मार गिराने के बाद सुरक्षा बलों ने जो कदम उठाया है, उसने सभी को चौंका दिया है। पहली बार, नक्सलियों के शवों का पोस्टमार्टम करने से पहले X-Ray किया जा रहा है। वजह? शवों में विस्फोटक छुपाए होने की आशंका।

मौत के बाद भी साजिश!

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मारे गए नक्सलियों में से अधिकांश बड़े कैडर्स के थे, जिनमें एक करोड़ का इनामी जयराम उर्फ चलपति भी शामिल था। नक्सलियों की बढ़ती साजिशों और उनकी बदलती रणनीतियों के मद्देनजर यह आशंका जताई गई कि शवों को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, पोस्टमार्टम से पहले हर शव का X-Ray किया जा रहा है।

गरियाबंद में 60 घंटे की जंग

ओडिशा बॉर्डर के पास 60 घंटे तक चली इस मुठभेड़ ने सुरक्षा बलों को बड़ी जीत दिलाई। इस ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र का इस्तेमाल किया गया। लेकिन इस मुठभेड़ के बाद, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की साजिशों को लेकर जो एहतियाती कदम उठाए हैं, वह बेहद रोमांचक हैं। मंगलवार शाम को नक्सलियों के शव बरामद होने के बाद बुधवार को भी मुठभेड़ जारी है ।

क्यों बढ़ा नक्सलियों का खौफ?

विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सली अब हार से बौखलाए हुए हैं और वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाया जा सके। बड़े कैडर्स के शवों में विस्फोटक छुपाने जैसी रणनीति इस बात की ओर इशारा करती है कि वे अपने हर कदम को मौत के बाद भी असरदार बनाना चाहते हैं।

क्या ये सुरक्षा बलों की नई रणनीति है?

शवों का X-Ray करना सिर्फ एक एहतियाती कदम नहीं, बल्कि यह सुरक्षा बलों की नई रणनीति का हिस्सा भी है। यह न सिर्फ नक्सलियों की चालों को नाकाम करने का प्रयास है, बल्कि भविष्य में उनकी हर हरकत को समझने की तैयारी भी।

कृपया शेयर करें

लगातार सही खबर सबसे पहले जानने के लिए हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़े

Join Now

Join Telegram

Join Now

error: Content is protected !!