फिंगेश्वर की सर्जिकल स्ट्राइक कलेक्टर के पुराने प्रेम और नए आदेश के बीच फंसा कृषि कॉलेज, आज शहर में चक्का जाम और महाबंद ।

Sangani

By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

फिंगेश्वर की सर्जिकल स्ट्राइक फिंगेश्वर कृषि महाविद्यालय भूमि विवाद, कलेक्टर गरियाबंद के 21 नवंबर और 8 दिसंबर के विरोधाभासी आदेश के खिलाफ फिंगेश्वर महाबंद आज चक्काजाम और धरना प्रदर्शन जारी जानिए क्यों किरवई भूमि आबंटन का हो रहा है विरोध और क्या है पूरा मामला पैरी टाईम्स पर ।

गरियाबंद प्रशासन की कार्यप्रणाली कभी कभी किसी जादुई खेल से कम नहीं लगती गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में इन दिनों एक ऐसी ही प्रशासनिक बाजीगरी के खिलाफ जन आक्रोश का ज्वालामुखी फूट पड़ा है 8 साल से जिस कृषि महाविद्यालय को अपने भवन का इंतज़ार था उसे अब सियासी और प्रशासनिक फुटबॉल बना दिया गया है

​फिंगेश्वर की सर्जिकल स्ट्राइक

फिंगेश्वर की सर्जिकल स्ट्राइक दस्तावेज़ बोल रहे 21 नवंबर को हाँ और 8 दिसंबर को ना ये कैसा खेल

मामला तब और पेचीदा हो गया जब कलेक्टर कार्यालय का ही एक पत्र पृष्ठांक 5992 दिनांक 21 11 2025 सोशल मीडिया पर वायरल हो गया इस पत्र ने प्रशासन की मंशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं

  • सहमति की कहानी 21 नवंबर को कलेक्टर ने खुद सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को लिखा था कि शासकीय ठाकुर दलगंजन सिंह विद्यालय की 3.46 हेक्टेयर जमीन खसरा नंबर 1682 और 1739 कॉलेज के लिए परफेक्ट है
  • प्रबंधन की रजामंदी शाला प्रबंधन समिति के 11 सदस्यों ने सहर्ष अपनी ज़मीन देने की सहमति भी दे दी थी
  • अचानक यू टर्न सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन अचानक 8 दिसंबर को कलेक्टर की कलम ऐसी घूमी कि आदेश फिंगेश्वर के बजाय किरवई के लिए जारी हो गया

​गजब का जादू है फाइल फिंगेश्वर से चली और पहुँच गई किरवई साहब जनता ये पूछ रही है कि जब शहर के बीचों बीच ज़मीन तैयार थी तो फिर विकास को 10 किलोमीटर दूर वनवास पर भेजने की क्या मजबूरी थी ।

फिंगेश्वर महाबंद थमा पहिया थमी साँसें

प्रशासन के इस विरोधाभासी रवैये के खिलाफ आज पूरा फिंगेश्वर ब्लैकआउट मोड में है

1 महाबंद का असर सुबह से ही चाय की टपरी से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं व्यापारियों ने दो टूक कहा है कॉलेज हमारा है और ये शहर में ही रहेगा

2 चक्काजाम की आग महासमुंद राजिम मुख्य मार्ग को प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया है एम्बुलेंस को छोड़कर किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं है

3 अनिश्चितकालीन धरना पिछले 3 दिनों से जारी शांतिपूर्ण धरना अब करो या मरो की स्थिति में पहुँच गया है नगरवासियों की एक ही मांग है 21 नवंबर वाला आदेश बहाल करो किरवई वाला रद्द करो

विधायक की पहल और प्रशासन की दहशत

क्षेत्रीय विधायक रोहित ने विधानसभा में इस कॉलेज के लिए ध्यान आकर्षण कराया था उम्मीद थी कि फिंगेश्वर के माथे से किराएदार का कलंक धुलेगा लेकिन प्रशासन के नए आदेश ने आग में घी डालने का काम किया है

कागज़ नहीं झुक रहे तो जनता भी नहीं झुकेगी

नगर विकास सेवा एवं संघर्ष समिति के पास कलेक्टर के उस पत्र की मूल प्रति है जो आज प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया है अब सवाल यह है कि क्या सरकार अपनी इस भूल को सुधारेगी या फिर फिंगेश्वर का यह चक्काजाम अनवरत जारी रहेगा ।

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