हिमांशु साँगाणी/ गरियाबंद
गरियाबंद (राजस्थान) में 7 से 13 जनवरी 2025 तक आयोजित सीनियर नेशनल (महिला एवं पुरुष) वॉलीबॉल चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। खिलाड़ियों के साथ-साथ राज्य ने निर्णायक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

गरियाबंद से जयपुर तक का सफर
गरियाबंद के निवासी और छत्तीसगढ़ पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (यातायात) श्री अभय गणोरकर को इस प्रतियोगिता के लिए वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा रेफरी के रूप में चयनित किया गया है। अभय ने अपने खेल जीवन की शुरुआत गरियाबंद से की थी और अब राष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक की भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।
रायपुर एसपी ने दी शुभकामनाएं
रायपुर एसपी श्री लाल उम्मेद सिंह ने अभय गणोरकर को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी और इसे राज्य के खेल समुदाय के लिए प्रेरणादायक बताया।
छत्तीसगढ़ के अन्य प्रतिनिधियों की अहम भूमिकाएं
इस चैम्पियनशिप की कंट्रोल कमेटी में छत्तीसगढ़ के माननीय श्री अकरम खान शामिल हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रेफरी श्री विनोद नायर ने जूरी और एसआरसी की जिम्मेदारी संभाली है। यह राज्य के खेल प्रशासन में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
खेल संघों और कान्हा क्लब की बधाई
जिला वॉलीबॉल संघ और कान्हा क्लब ने श्री अभय गणोरकर और अन्य प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दी हैं। संघ ने इस मंच पर छत्तीसगढ़ के योगदान को ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि यह राज्य की खेल संस्कृति और प्रतिभा का प्रमाण है।
छत्तीसगढ़ का बढ़ता प्रभुत्व
छत्तीसगढ़ सिर्फ खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि निर्णायक और प्रशासकों के रूप में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। अभय गणोरकर का चयन और उनकी भूमिका, गरियाबंद जैसे छोटे शहरों के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देता हैं।