हिमांशु साँगाणी
गरियाबंद। शहर में सट्टे के काले कारोबार पर पुलिस ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। काली मंदिर के पीछे अपने ‘सट्टा-मंडल’ में शामिल हनीफ खान उर्फ हन्नु को पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया। ये वही हनीफ खान है, जिसकी ‘सट्टा-गाथा’ थाने के पुराने रिकॉर्ड्स में पहले से दर्ज है। मगर इस बार पुलिस की पैनी नजर और पुख्ता सूचना के चलते उसका खेल वहीं खत्म हो गया।

रात के अंधेरे में सट्टा का खेल, पुलिस की चालाकी से फेल
थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव ने इलाके में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश के बाद अपनी टीम को एक्टिव कर दिया था। इसी दौरान मुखबिर से खबर आई कि काली मंदिर के पीछे ‘अंकों का खेल’ खुलेआम चल रहा है। टाउन पेट्रोलिंग टीम को अलर्ट किया गया, और जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां नजारा कुछ और ही था—हनीफ खान उर्फ हन्नु नोटों की गड्डियों के बीच अंकों का जाल बिछाए बैठा था।
आखिर कैसे पकड़ा गया ‘सट्टा-खिलाने वाला’ हन्नु?
पुलिस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर जैसे ही दबिश दी, हनीफ खान के चेहरे का रंग उड़ गया। भागने की कोशिश भी की, मगर पुलिस के शिकंजे से निकलना आसान नहीं था। मौके पर ही उसके पास से ₹1170 नगद, सट्टा-पट्टी के कागजात और एक डॉट पेन बरामद किया गया।
पहले भी दर्ज हैं कई मामले, मगर ‘सट्टा-प्रेम’ नहीं छोड़ा!
हनीफ खान उर्फ हन्नु का नाम गरियाबंद पुलिस रिकॉर्ड में पहले से दर्ज है। यह कोई पहली बार नहीं था जब वह इस खेल में पकड़ा गया हो, लेकिन लगता है कि सट्टे की लत उसे हर बार वापस खींच लाती थी। मगर इस बार पुलिस ने साफ कर दिया है—‘सट्टा के खिलाड़ी अब बख्शे नहीं जाएंगे।’
पुलिस की अपील—सट्टा से बचें, परिवार की खुशहाली बचाएं
गरियाबंद पुलिस ने जनता से अपील की है कि सट्टा, जुआ और खुडखुडीया जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें। इनसे न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि परिवार की सुख-शांति भी छिन जाती है।
गिरफ्तार आरोपी का नाम
- हनीफ खान उर्फ हन्नु
- पिता—सलीम खान
- उम्र—25 वर्ष
- निवासी—वार्ड नं. 15, गरियाबंद