संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद के इस ब्लाक में तहसीलदार के खिलाफ BJP ने खोला भ्रष्टाचार मोर्चा 20 हजार की रिश्वत नहीं देने पर किसानों का निजी धान जब्त जानिए कैसे 21 क्विंटल की सीमा को 10 क्विंटल बताकर किसानों को लूटा जा रहा है। कलेक्टर लेंगे एक्शन पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड से एक सनसनीखेज सरकारी रैकेट का खुलासा हुआ है। यहां पदस्थ तहसीलदार अजय चंद्रवंशी पर सीधे तौर पर किसानों के निजी धान को जब्त कर प्रति किसान 20 हजार तक की अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब राजनीतिक उबाल पर आ गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) मंडल अध्यक्ष ने मोर्चा संभालते हुए कलेक्टर महोदय को साक्ष्यों सहित शिकायत सौंपी और विभागीय जाँच की मांग की।

गरियाबंद के इस ब्लाक में रिश्वत का खेल 10 क्विंटल का डर दिखाकर 20 हजार की वसूली
शिकायत पत्र के मुताबिक, यह अवैध वसूली एक सुनियोजित तरीके से की जा रही है, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है।सरकारी मापदंड को चुनौती शासन ने किसानों के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेचने की सीमा तय की है, लेकिन तहसीलदार द्वारा कथित तौर पर यह कहकर किसानों को धमकाया जा रहा है कि उनके खेत की उपजाऊ क्षमता 10 क्विंटल प्रति एकड़ से अधिक नहीं है। घर-घर छापेमारी इस मनमाने आधार पर तहसीलदार कथित तौर पर देवभोग क्षेत्र में घर-घर छापेमारी कर रहे हैं और किसानों के निजी उपजाऊ धान को जबरन जब्त कर रहे हैं। 20 हजार की वसूली धान को मुक्त करने और कार्यवाही न करने के बदले में किसानों से 20-20 हजार रुपये की मोटी रकम वसूलने का आरोप है।
ठेकेदार आज़ाद अन्नदाता कटघरे में
इस पूरे प्रकरण में तहसीलदार अजय चंद्रवंशी के दोहरे रवैये पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। शिकायत में कहा गया है कि, एक तरफ धान के बड़े ठेकेदार और व्यापारी अपना स्टॉक खुलेआम ट्रकों में सड़कों पर घुमा रहे हैं, जिन पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती। वहीं दूसरी ओर, किसान जो अपनी मेहनत का उपजाया हुआ धान अपने पास रखे हैं, उन्हें अपराधी बनाकर उनसे वसूली की जा रही है। बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने इसे प्रशासनिक आतंक करार दिया है और कलेक्टर से पूछा है कि क्या सरकारी नियम सिर्फ गरीब और मजबूर किसानों के लिए हैं, या यह भ्रष्टाचार का एक नया जरिया बन गया है?
कलेक्टर से उच्च स्तरीय जाँच की मांग
भाजपा ने कलेक्टर महोदय को पत्र लिखकर स्पष्ट मांग की है कि तहसीलदार अजय चंद्रवंशी के इस मनमानीपूर्ण और वसूली रैकेट की उच्च स्तरीय विभागीय जाँच कराई जाए। किसानों के जब्त किए गए धान को तुरंत मुक्त किया जाए और उन पर की गई अवैध वसूली की राशि को वापस दिलाया जाए। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कलेक्टर गरियाबंद इस गंभीर मामले में क्या एक्शन लेते हैं और क्या देवभोग के किसानों को इस कथित भ्रष्टाचार के चंगुल से मुक्ति मिल पाती है।
तहसीदार बोले कार्यवाही न हो इसलिए बनाया जा रहा दबाव..
इस मामले को लेकर देवभोग तहसीलदार अजय चन्द्रावंशी ने कहा कि हमारे द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाही से क्षेत्र में खलबली मची हुई । धान में 11 से 12 परसेंट कम नमी आ रही है इस बार देवभोग में कितनी कार्यवाही हो रही यह मीडिया में भी आ रहा है । और इसी कार्यवाही के चलते दबाव बनाने के लिए इस तरह की झूठी शिकायत की जा रही है । अगर मैने किसी से पैसे की मांग की है तो शिकायतकर्ता किसान सामने आए , इस शिकायत में किसान से पैसे मांगने की बात कही गई है पर नाम किसी का भी नहीं है । इस तहर की झूठी शिकायत से कोई लेना देना नहीं है और इस तरह की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी ।