हिमांशु साँगाणी
गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक स्थित शासकीय प्राथमिक शाला कदलीमुड़ा में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मधुमक्खियों ने स्कूल परिसर में मौजूद छात्र-छात्राओं पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से स्कूल का वातावरण दहशत में बदल गया।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल परिसर में बनी पुरानी पानी टंकी के ऊपर मधुमक्खियों ने अपना बड़ा सा छत्ता बना रखा था। शुक्रवार की दोपहर जैसे ही टंकी के पास कोई हलचल हुई, मधुमक्खियों का झुंड एकाएक उग्र हो गया और बच्चों पर टूट
करीब 5 से 6 बच्चे इस हमले में घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है।

घटना के बाद स्कूल में मचा हड़कंप
घटना के बाद स्कूल में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच डर और चिंता का माहौल है। कई बच्चों की हालत देखकर माता-पिता बेहद घबरा गए। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन को पहले ही मधुमक्खियों के छत्ते की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।
प्रशासन की लापरवाही या हादसा?
अब सवाल उठ रहा है कि क्या ये घटना स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है? अगर समय रहते मधुमक्खियों के छत्ते को हटवा दिया गया होता, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। स्कूल के किनारे मधुमक्खी का छाता रहने से इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति दुबारा फिर हो सकती है । स्कूल प्रशासन को इससे सबक लेते हुए उचित कदम उठाने चाहिए ।