हिमांशु साँगाणी
गरियाबंद | छत्तीसगढ़ में नक्सली आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है। आज गरियाबंद पुलिस लाइन में पांच-पांच लाख के इनामी तीन खूंखार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस सरेंडर के दौरान IG अमरेश मिश्रा और SP निखिल राखेचा मौजूद रहे। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते नक्सली संगठनों की कमर टूटती नजर आ रही है।

कौन हैं ये नक्सली, जो हुए सरेंडर?
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में—
✅ दिलीप उर्फ संतु: एसडीके एरिया कमेटी का डिप्टी कमांडर, जो काकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
✅ मंजुला उर्फ लखमी: एसडीके एरिया कमेटी की एक्शन टीम मेंबर (ACM)
✅ सुनीता उर्फ जुनकी: बरगढ़ एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य
तीनों हत्या, लूट, पुलिस पर हमले और जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में शामिल थे। संतु ने ऑटोमैटिक हथियार के साथ सरेंडर किया, जिससे उसकी खतरनाक पहचान उजागर होती है।

20 जनवरी की मुठभेड़ बनी नक्सलियों के लिए काल!
20 जनवरी 2025 को छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया था।
➡️ इस मुठभेड़ में संतु भी शामिल था, जिसे सिर पर गोली लगी थी, लेकिन वह किसी तरह बच निकला था।
➡️ इसके बाद से नक्सली संगठनों में डर और दहशत का माहौल है।
➡️ इसी डर के चलते माओवादी अब बंदूक छोड़कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
क्या नक्सलवाद की उलटी गिनती शुरू?
सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते नक्सली समर्पण की राह पकड़ रहे हैं। लगातार हो रही सफल कार्रवाई और पुलिस की रणनीति माओवादी संगठनों को कमजोर कर रही है। अब सवाल यह है कि आगे कितने नक्सली सरेंडर करेंगे या फिर पुलिस की गोलियों का शिकार बनेंगे?
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