संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद के पहाड़ों में दबा मिला माओवादियों का खजाना गरियाबंद पुलिस की बड़ी सफलता! सांपसाटी के जंगलों से नक्सलियों का 46 लाख कैश, लैपटॉप और हथियारों का जखीरा बरामद। जानें कैसे DRG और E-30 टीम ने तोड़ी माओवादियों की कमर पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के दो ‘सेफ हाउस’ को ढूंढ निकाला है, जहां उन्होंने भारी मात्रा में नकदी और हथियार छिपा कर रखे थे। आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने गरियाबंद के मैनपुर इलाके के सांपसाटी पहाड़ियों में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें पुलिस को करोड़ों के टर्नओवर वाले नक्सली नेटवर्क की कमर तोड़ने में सफलता मिली है।

गरियाबंद के पहाड़ों में दबा मिला माओवादियों का खजाना पहाड़ियों की खोह में छिपा था डंप
गरियाबंद पुलिस की E-30 ऑप्स टीम और धमतरी DRG की संयुक्त टीम जब शनिवार को सांपसाटी के घने जंगलों में पहुंची, तो नजारा हैरान करने वाला था। पत्थरों और जमीन के नीचे दबाकर रखे गए ठिकानों से पुलिस ने 46,31,500 रुपये (छियालिस लाख इकत्तीस हजार पांच सौ रुपये) नकद बरामद किए हैं। इसके साथ ही लैपटॉप, मोबाइल और अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा भी मिला है।
अब तक 1 करोड़ से ज्यादा की बरामदगी
गरियाबंद पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ समय में चलाए गए अभियानों के दौरान अब तक कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपये की राशि बरामद की जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इस डंप की बरामदगी से भविष्य में होने वाली किसी बड़ी नक्सली साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
बरामद सामानों की सूची
- नकद राशि: ₹46,31,500/-
- 2-2 हजार के सौ नोट बाकी 44 लाख 5-5 सौ के नोट मिले
- हथियार: 01 भरमार बंदूक, 01 सुरका राइफल।
- गोला-बारूद: 32 बीजीएल सेल, एके-47 के 45 राउंड, इंसास और एसएलआर के दर्जनों कारतूस।
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 01 लैपटॉप, 02 मोबाइल फोन।
- विस्फोटक: 23 नग डेटोनेटर और भारी मात्रा में नक्सली साहित्य।