मुन्ना भाई पार्ट-3 गरियाबंद पुलिस ने दबोचे दो नटवरलाल MBBS छात्र पढ़ाई कम, ठगी ज्यादा… करोड़ों की ठगी का हिसाब बाकी ।

Sangani

By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

गरियाबंद पुलिस ने दो MBBS छात्रों निखिल राज और चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन को गिरफ्तार किया, जो नकली वारंट भेजकर फिरौती मांगते थे। 2007 बैच के ये ‘मुन्ना भाई’ छात्र PMT फर्जीवाड़ा और करोड़ों की धोखाधड़ी में शामिल रहे हैं। जानें कैसे 18 साल से पढ़ाई कर रहे ये छात्र क्राइम की दुनिया के मास्टरमाइंड बने।

गरियाबंद,​ बॉलीवुड की फ़िल्म मुन्ना भाई MBBS तो आपने देखी होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक ऐसी रियल लाइफ़ कहानी सामने आई है, जहां दो मुन्ना भाई अपनी डिग्री के साथ-साथ अपराध की डिग्री भी पूरी कर रहे थे। जी हां, स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर के 2007 बैच के दो परम-पवित्र MBBS छात्र, निखिल राज और चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन, को गरियाबंद पुलिस ने एक व्यक्ति से फिरौती (उद्यापन) मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ​इन महानुभावों को देखकर लगता है कि इन्होंने मेडिकल की शपथ से ज़्यादा, ठगी के धंधे को आगे बढ़ाने की कसम खाई थी!

18 साल में भी पूरी नहीं हुई पढ़ाई, पर क्राइम में प्रोफ़ेसर

​हैरानी की बात यह है कि ये दोनों 2007 में दाख़िला लेने के बावजूद, पिछले 18 सालों से अभी भी अध्ययनरत विद्यार्थी हैं! लगता है इन्होंने तय कर लिया था कि जब तक भारत के सारे भोले-भाले लोगों को ठग नहीं लेते, तब तक MBBS की डिग्री नहीं लेंगे। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों पहले भी दो बार PMT परीक्षा फ़र्ज़ीवाड़ा (मुन्ना भाई प्रकरण) में जेल की हवा खा चुके हैं। लेकिन जेल की हवा इन्हें रास नहीं आई और ये बाहर आकर फिर से अपने ‘परोपकारी’ कामों में लग गए।

नकली वारंट, असली धमकी और 1 लाख की उगाही

​इस बार का इनका मास्टरस्ट्रोक एक ख़ाली वारंट था। आरोपी निखिल राज को कहीं से एक कोरा (खाली) वारंट मिला। उसने अपने साथी चंदन सेन के साथ मिलकर उस पर एक बेकसूर आदमी, खेमचंद, का नाम-पता लिखकर, उसे नॉन बेलेबल वारंट बनाकर डाक से भेज दिया अगले ही पल, निखिल राज ने खेमचंद को फ़ोन किया और किसी काल्पनिक केस को निपटाने के नाम पर 2 लाख की डिमांड कर डाली। बेचारा प्रार्थी डर गया और उसने तुरंत 1 लाख आरोपियों को सौंप दिए। वाह क्या दिमाग़ लगाया है! डॉक्टरी करने से अच्छा तो इन्होंने सीधा-सीधा फ़र्ज़ी कोर्ट और फ़र्ज़ी पुलिस का धंधा शुरू कर दिया था!

करोड़ों की ठगी का गोल्ड मेडल

​पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि इन दोनों की खर्चीली आदतों के चलते ये साल 2009 से ही भोले-भाले लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठ रहे हैं। अगर आप इनके आपराधिक रिकॉर्ड पर नज़र डालेंगे, तो आपका सिर चकरा जाएगा।

आरोपीप्रमुख अपराधों का विवरण (सिर्फ ज्ञात)
चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेनPMT फ़र्ज़ीवाड़ा, 3 लाख की ठगी (जगदलपुर), 19 लाख की ठगी (दुर्ग), वार्ड बॉय नौकरी के नाम पर ठगी, स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के नाम पर 26.80 लाख की ठगी (रायपुर)।
निखिल राजPMT

पुलिस का बयान

इन दोनों की पढ़ाई से ज़्यादा इनका आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है। ये मुन्ना भाई नहीं, बल्कि ठगी के प्रोफ़ेशनल डॉक्टर्स बन चुके थे।

अब होगा असली इलाज

​गरियाबंद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी चंदन सेन को छुरा से और दूसरे फरार आरोपी निखिल राज को RPF की मदद से हमसफ़र ट्रेन से झाँसी भागते हुए धर दबोचा। दोनों पर अब उद्यापन और धोखाधड़ी की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। ​पुलिस ने जगदलपुर मेडिकल कॉलेज को भी इन अपराधी-सह-छात्रों की पूरी कुंडली सौंपने का फ़ैसला लिया है। साथ ही, इनकी अवैध रूप से अर्जित की गई करोड़ों की संपत्ति की भी जाँच की जाएगी।

पाठकों से अनुरोध है कि ऐसे नटवरलाल डॉक्टर्स से सावधान रहें!

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