संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद में कुदरत का कहर जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से भारी तबाही हुई है। देवभोग में बिजली गिरने से एक युवक घायल हो गया है, जबकि महुआ और आम की 30% फसल बर्बाद हो गई है।
गरियाबंद जिले में सोमवार की शाम कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया। जिले के कई हिस्सों में अचानक हुए मौसम परिवर्तन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं आसमान से अंगारे की तरह ओले बरसे, तो कहीं आकाशीय बिजली ने कहर ढाया। इस बेमौसम आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है, विशेषकर महुआ और आम की फसल को भारी नुकसान पहुँचाया है।

गरियाबंद में कुदरत का कहर जंगल और पहाड़ों पर बरसे ओले
शाम ढलते ही गरियाबंद के विभिन्न क्षेत्रों में अंधड़ के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। छूरा तहसील के रुवाड और बाघमार के जंगलों में बड़े-बड़े ओले गिरने की खबर है। वहीं, दुर्गम पहाड़ी इलाके में बसे आमामोरा और ओढ़ गांव में भी ओलावृष्टि ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। गरियाबंद तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम फुलकर्रा में भी जमकर पत्थर गिरे, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

देवभोग में गाज गिरने से हादसा
मौसम का सबसे दर्दनाक पहलू देवभोग तहसील में देखने को मिला। सीनापाली गांव में आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया है। घायल युवक को आनन-फानन में देवभोग अस्पताल ले जाया गया, जहाँ फिलहाल उसका उपचार जारी है।

किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेती-किसानी को गहरा जख्म दिया है। बताया जा रहा है कि अंधड़ और बारिश की वजह से महुआ और आम की 30 फीसदी से अधिक फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। महुआ संग्रहण के सीजन में इस आपदा ने वनाश्रितों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसके अलावा मैनपुर और गरियाबंद तहसील क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर हो रही बारिश ने रबी फसलों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।