गरियाबंद पुलिस और सुरक्षा बलों ने मैनपुर थाना क्षेत्र के पंडरीपानी जंगल में बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों का एक गुप्त ठिकाना ध्वस्त कर दिया। इस ऑपरेशन में 8 लाख रुपये नगद, विस्फोटक सामग्री और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। खास बात यह है कि यह रकम ग्रामीणों और व्यापारियों से जबरन वसूली गई थी, जिसे नक्सलियों ने जंगल में गाड़कर छिपा रखा था।

गुप्त सुराग और सर्च ऑपरेशन
20 मार्च 2025 को गरियाबंद पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पंडरीपानी पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों ने अवैध रूप से वसूली गई रकम और विस्फोटक छिपा रखे हैं। इसके बाद एसपी निखिल राखेचा के निर्देशन में डीएसपी गरिमा दादर के नेतृत्व में एसटीएफ, कोबरा 207, सीआरपीएफ और बीडीएस टीम का एक संयुक्त दल जंगल में रवाना हुआ।
करीब 11 बजे जब सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन कर रहे थे, तब एक संदिग्ध जगह पर खुदाई करने पर एक सफेद बोरी मिली। इसे खोलने पर नीली झिल्ली में लिपटे 8 लाख रुपये, 13 नग ज्वलनशील जलेटिन विस्फोटक, नक्सली बैनर, डायरी और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम
बरामद दस्तावेजों से पता चला कि यह धनराशि नक्सलियों के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन द्वारा आतंक फैलाने और संगठन के विस्तार के लिए वसूली गई थी। पुलिस और सुरक्षा बलों ने इस साजिश को ध्वस्त करते हुए नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।
थाना मैनपुर में इस मामले में अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नक्सली इस रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे करने वाले थे। गरियाबंद पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से नक्सल समर्थकों में हड़कंप मच गया है।