हिमांशु साँगाणी
गरियाबंद कोपरा गौशाला में लापरवाही के कारण गौवंश की भूख से मौत का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पिछले 20 दिनों में 19 गायों ने दम तोड़ दिया हैं, और 150 से अधिक मवेशी कंकाल बनने की कगार पर हैं। संस्था की लापरवाही से हालात इतने बिगड़ गए कि गौशाला में चारा-पानी तक नहीं था। जब प्रशासन पहुंचा, तब जाकर गायों को खाना मिला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पैरी नदी में सड़ती लाशें, दुर्गंध से परेशान लोग ।
स्थानीय लोगों ने गौशाला में गायों की मौत के बाद वार्ड 12-13 में दुर्गंध की शिकायत की, जिससे इस मामले का खुलासा हुआ। जब प्रशासन ने जांच की, तो पैरी नदी किनारे 19 गायों की सड़ी-गली लाशें मिलीं। इन शवों से कीड़े रेंग रहे थे, जो इस बात का संकेत था कि गौशाला में लापरवाही के चलते गायों की मौत हो गई है और गायों की लाशों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगा रही थी।
भूख से टूट पड़ीं गायें, कई खड़े होने के लायक भी नहीं थीं
देर रात एसडीएम जब मौके पर पहुंचे और उन्होंने मवेशियों के लिए चारा पानी उपलब्ध कराया तो जैसे ही गौशाला में चारा पहुंचा, वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था। गायें खाने के लिए टूट पड़ीं, लेकिन कई इतनी कमजोर हो चुकी थीं कि खड़े भी नहीं हो पा रही थीं। अधिकारियों ने तुरंत गौशाला में चारा-पानी की व्यवस्था की, लेकिन सवाल यह है कि अब तक यह इंतजाम क्यों नहीं किया गया था? गौशाला में लापरवाही क्यों जारी थी
संस्था की लापरवाही – चरवाहों को नहीं मिला वेतन, दो महीने से गौशाला लावारिस
जांच में सामने आया कि गौशाला की देखरेख करने वाले चरवाहों को दो महीने से वेतन नहीं दिया गया, जिसके चलते गौशाला में लापरवाही हुई है ।जिससे वे काम छोड़कर चले गए। गौशाला में चारा-पानी पूरी तरह खत्म हो गया था और प्रशासन की अनदेखी के कारण गायें भूख से दम तोड़ने लगीं।
गौशाला संचालक तलब, FIR की तैयारी
गौशाला की देखरेख 2020 से एक निजी संस्था कर रही थी, जिसके संचालक मनोज साहू हैं। जब प्रशासन ने जांच की, तो गौशाला में कंकाल और सड़ी-गली लाशें मिलीं। जब संचालक से जवाब मांगा गया, तो वह मौके से नदारद मिला। अब प्रशासन ने गौशाला में लापरवाही के मामले में अब उसके खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
कलेक्टर ने जारी किया नोटिस
घटना की जानकारी शनिवार देर रात प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची इसके बाद प्रथम दृष्टया जांच में गौशाला में लापरवाही साफ नजर आई कलेक्टर ने संस्था प्रमुख , सीएमओ, और स्थानीय पशु चिकित्सक की लापरवाही सामने आई है जिसके बाद गरियाबंद कलेक्टर ने तीनों को नोटिस जारी करने का आदेश दे दिया है ।
विधायक बोले – दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
राजिम विधायक रोहित साहू ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताया और प्रशासन से गौशाला में गायों की मौत की जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने फिलहाल गौशाला के संचालन को दूसरी संस्था को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गौशालाओं की अनदेखी कब तक? गोसेवा या सिर्फ दिखावा?
छत्तीसगढ़ में सरकारें गौशालाओं के लिए करोड़ों रुपये आवंटित करने का दावा करती हैं, लेकिन संस्थाओं की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी के कारण गायें भूख से तड़प-तड़प कर मर रही हैं। यह मामला गौशालाओं में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।