भगवान भरोसे गरियाबंद जिले के मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम का उरमाल में हुए अश्लील डांस में शामिल होने का वीडियो वायरल पुलिस ने कर्मचारियों को नापा, लेकिन प्रशासन की साहब पर चुप्पी क्यों पढ़े पूरी खबर पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद कहते हैं नाम का असर काम पर दिखता है, लेकिन मैनपुर के एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने इस कहावत को पूरी तरह उलट दिया है। जहाँ तुलसी को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, वहीं साहब की मौजूदगी में अश्लीलता के ऐसे फुव्वारे छूटे कि पूरा जिला प्रशासन शर्मसार है। देवभोग के उरमाल में ओपेरा में मर्यादा की जो बलि चढ़ी है, उसके मुख्य गवाह (और शायद सबसे बड़े प्रशंसक) स्वयं एसडीएम साहब ही थे।

भगवान भरोसे गरियाबंद SDM की पारखी नजर फाइल नहीं, वीडियो बनाने में थी व्यस्त
सोशल मीडिया पर जो वीडियो आग की तरह फैल रहा है, उसमें मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम किसी गंभीर सरकारी बैठक में नहीं, बल्कि अश्लील ठुमकों के बीच मुस्कुराते हुए मग्न दिखाई दे रहे हैं। जहां एक युवती अपना ब्लाउज खोलकर अर्धनग्न अवस्था में एसडीएम के सामने बैठकर अश्लील इशारे कर रही है और साहब इसका मजा ले रहे है वीडियो इतना ज्यादा अश्लील है कि हम इसको अपलोड भी नहीं कर सकते है दर्शक बता रहे कि साहब की उंगलियां मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं और हाथ जेब से नोट निकालकर कलाकारों पर न्योछावर कर रहे थे। शायद साहब यह चेक कर रहे थे कि अनुमति के नियमों का पालन स्टेज पर कितनी बारीकी से हो रहा है ।

परमिशन भी अपनी, रजा भी अपनी
इस पूरे ड्रामे की सबसे मजेदार बात यह है कि उरमाल में होने वाले इस अश्लील आयोजन की अनुमति देने वाले कोई और नहीं, बल्कि स्वयं एसडीएम तुलसीदास मरकाम ही थे। यानी पहले खुद ही पिच तैयार की और फिर खुद ही ओपनिंग बैटिंग करने पहुंच गए। एसडीएम साहब की मौजूदगी में अश्लीलता परोसी जाती रही और वो कानून की किताब बंद कर मनोरंजन की दुनिया में गोते लगाते रहे।
एसडीएम के सामने अर्धनग्न अवस्था में युवती

पुलिस ने की कार्यवाही अब प्रशासन की बारी ?
वीडियो वायरल होने के बाद जब किरकिरी बढ़ी, तो पुलिस ने अपनी कड़क छवि दिखाते हुए 4 युवकों पर केस ठोक दिया और दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि:
- क्या पुलिसकर्मियों को इसलिए सजा मिली कि उन्होंने साहब को नाच देखने से नहीं रोका?
- क्या उन 4 युवकों का गुनाह साहब की मौजूदगी से बड़ा था?
- तुलसीदास मरकाम पर कार्रवाई की फाइल आखिर भगवान के किस दराज में दब गई है?
सत्ता का रसूख और बेबस प्रशासन
देवभोग पुलिस ने जानकारी मिलते ही तत्काल आयोजन बंद करवा दिया, टेंट उखाड़ दिए और 4 छोटे आरोपियों पर केस दर्ज कर भी लिए लेकिन सबसे बड़ा असली सवाल तो भगवान के उस तुलसी के हाथ पर है जिसने नोट लुटाए थे। अब तक एसडीएम तुलसीदास मरकाम पर कोई कार्रवाई न होना यह साबित करता है कि जिला प्रशासन इस मामले को भी हमेशा की तरह ठंडे बस्ते में डालने की फिराक में है।
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