प्रश्न पत्र विवाद मामला गरियाबंद में चौथी कक्षा के प्रश्न पत्र को लेकर मचा कोहराम। भगवान राम के नाम पर हुए विवाद ने पकड़ा तूल,विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने दी चेतावनी क्या है पूरा मामला?जानें पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद के बाद अब गरियाबंद जिले में शिक्षा विभाग एक ऐसे विवाद में फंस गया है, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। मैनपुर विकासखंड में आयोजित अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान चौथी कक्षा के अंग्रेजी के प्रश्न पत्र में कुछ ऐसा छपा, जिसे हिंदू संगठनों ने सीधे तौर पर भगवान राम का अपमान करार दिया है।

प्रश्न पत्र विवाद मामला कलम की चूक या सोची-समझी साजिश?
मामला तब प्रकाश में आया जब कक्षा चौथी के छात्र अंग्रेजी का पेपर देकर घर लौटे। आरोप है कि प्रश्न पत्र में भगवान राम की तुलना को लेकर ऐसे शब्दों या संदर्भों का प्रयोग किया गया है, जिससे सनातन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई और अब इसे लेकर गरियाबंद सर्व समाज और विश्व हिंदू परिषद ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
भगवान राम हमारे आराध्य हैं, उनकी तुलना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह न केवल हमारी आस्था का अपमान है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के मन में गलत शिक्षा भरने की कोशिश है।
स्थानीय हिंदू संगठन प्रतिनिधि
सड़कों पर संग्राम तिरंगा चौक में प्रदर्शन की तैयारी
इस कृत्य’ के खिलाफ आक्रोशित बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने आज दोपहर 2 बजे तिरंगा चौक पर एकजुट होने का आह्वान किया है। संगठन की मांग है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पर तत्काल FIR दर्ज की जाए और दोषियों को सस्पेंड किया जाए।
विरोध प्रदर्शन का पूरा ब्यौरा
- स्थान तिरंगा चौक, गरियाबंद
- समय दोपहर 2:00 बजे
- दिनांक 10 जनवरी 2026
- मुख्य मांग जिला शिक्षा अधिकारी और दोषी अधिकारियों पर FIR और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई।
जिला शिक्षा अधिकारी बोले अन्य जिलों में भी गया है प्रश्नपत्र
फिलहाल शिक्षा विभाग इस मामले को लेकर कहा कि पेपर गरियाबंद में नहीं बनाया गया है, गरियाबंद को मिलाकर अन्य 14 जिलों में भी यही प्रश्न पत्र गया है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं सवाल यह उठता हैं प्रश्नपत्र को किसी ने पढ़ा नहीं होगा क्या ? जब स्कूली किताबों या पेपरों में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है। क्या यह वास्तव में छपाई की गलती थी या फिर इसके पीछे कोई गहरा एजेंडा ?
अब सबकी नज़रें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे समय रहते इस आक्रोश को शांत कर पाते हैं या गरियाबंद में यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा।