राजिम कुंभ कल्प 2026 की तैयारियों में भारी लापरवाही सिर्फ 6 दिन शेष, मंत्री और विधायक की नाराजगी के बीच प्रशासन के दावों की खुली पोल, मीना बाजार के ऊंचे दामों और अधूरी तैयारियों पर देखिए विशेष रिपोर्ट पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद कहते हैं कि कुंभ में डुबकी लगाने से पाप धुलते हैं, लेकिन गरियाबंद में तो राजिम कुंभ शुरू होने से पहले ही प्रशासन की लापरवाही के पाप धुलने का नाम नहीं ले रहे। 1 फरवरी से कुंभ का आगाज होना है, उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन धरातल पर तैयारी ऐसी है जैसे अभी मुहुर्त निकलने में साल भर बाकी हो।

राजिम कुंभ कल्प मंत्री जी आए, तो याद आया कि काम भी करना है
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और राजिम विधायक रोहित साहू जब अचानक ग्राउंड जीरो पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उन्हें भी अहसास हो गया कि इवेंट एजेंसी शायद अगले साल की तैयारी कर रही है। लेटलतीफी ऐसी कि मंत्री जी को तेवर दिखाने पड़े और कलेक्टर-CEO ने इवेंट वालों को जमकर फटकार लगाई। अब सवाल यह है कि क्या फटकार की डोज से काम में ‘बुलेट’ जैसी रफ्तार आएगी?
मीना बाजार दावों की दुकान और महंगी मुस्कान
प्रशासन ने बड़े जोर-शोर से कहा था कि प्राइवेट जमीन छोड़ो, सरकारी जमीन पर आओ, रेट कम होंगे और जनता को लाभ मिलेगा। लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा खोखले दावों की पोल तब खुली जब मीना बाजार का ठेका कौड़ियों के बजाय आसमान छूती दरों पर दिया गया। हालत यह है कि बोली लगाने वाले ही मैदान छोड़कर भाग रहे हैं। और अब मीना बाजार का ठेका दूसरी हाइएस्ट बोली बोलने वाले को दिया गया है और अब वह मैदान पर अपनी टीम के साथ डटे हुए है ।
जनता की जेब पर झूलों का वार
जब ठेका महंगा होगा, तो वसूली भी जनता से होगी,जनप्रतिनिधियों को डर है कि इस बार मीना बाजार में झूलों का मजा आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है। प्रशासन ने रेट कम करने का वादा किया था, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि जनता को कुंभ स्नान के बाद महंगाई का स्नान भी करना पड़ेगा।