हिमांशु साँगाणी / गरियाबंद
दंतेवाड़ा। बीजापुर जिले में कार्यरत पत्रकार मुकेश चंद्राकर बीते दो दिनों से लापता हैं। उनके सभी मोबाइल नंबर बंद हैं, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। इस मामले में उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने बीजापुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

सड़क घोटाले की खबर के बाद हुआ लापता
सूत्रों के अनुसार, पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने कुछ दिनों पहले मिरतुर इलाके में एक सड़क निर्माण से जुड़ी खबर कवर की थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने निर्माण कार्य में अनियमितताओं की जांच शुरू की थी और कार्रवाई भी हुई थी। इसके बाद ही वे अचानक लापता हो गए, जिससे मामले में शक गहराने लगा है।
ठेकेदार पर संदेह, परिजनों ने जताई आशंका
मुकेश चंद्राकर के भाई युकेश चंद्राकर का मानना है कि उनके भाई के लापता होने के पीछे सड़क ठेकेदार का हाथ हो सकता है। उन्होंने पुलिस से इस एंगल पर जांच की मांग की है। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने भी सोशल मीडिया पर प्रेस नोट जारी कर पत्रकार की तलाश में हरसंभव प्रयास करने की बात कही है।
पत्रकारों पर मंडराता खतरा, बस्तर में जोखिम भरी पत्रकारिता
बस्तर संभाग में पत्रकारिता करना जोखिम भरा काम बनता जा रहा है। नक्सल प्रभावित इस इलाके में पत्रकारों को अक्सर भ्रष्टाचार, नक्सलियों और पुलिस प्रशासन से जुड़ी खबरें कवर करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जनसरोकार की पत्रकारिता करने वाले पत्रकार कई बार सरकार और माफिया के निशाने पर आ जाते हैं।
पत्रकार संगठनों ने की कार्रवाई की मांग
मुकेश चंद्राकर की गुमशुदगी के मामले में प्रदेशभर के पत्रकार संगठनों ने सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। बीजापुर एएसपी युगलैंडन यार्क (मो. 9617346646) और कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा (मो. 8319784531) को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस मुकेश चंद्राकर का जल्द सुराग लगा पाती है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर बस्तर में पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।