संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
लाल सलाम पर भारी पड़ा मार्मिक पैगाम गरियाबंद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 45 लाख के इनामी 9 सक्रिय नक्सलियों ने हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण सीनापाली कमेटी का सूपड़ा साफ, अब सीतानदी कमेटी में बचे मात्र 4 सदस्य। अंजू, बलदेव और सोनी जैसे बड़े चेहरों ने क्यों छोड़ी नक्सली विचारधारा? देखें पूरी लिस्ट।

गरियाबंद कहते हैं कि क्रांति का रास्ता बंदूक की नली से होकर गुजरता है, लेकिन गरियाबंद में तो आज कहानी ही पलट गई यहाँ क्रांति की नली टेढ़ी हो गई और बरसों से जंगलों में AK-47 चमकाने वाले सूरमाओं को अचानक याद आया कि घर में माँ के हाथ की रोटियां इंतज़ार कर रही हैं। गरियाबंद एसपी और सुरक्षा बलों ने बिना एक भी बारूद जलाए, प्यार और दबाव के ऐसे मसाले का तड़का लगाया कि खूंखार सीनापाली कमेटी का पूरा का पूरा किचन ही बंद हो गया।

लाल सलाम पर भारी पड़ा मार्मिक पैगाम कमेटी का द एंड न रहे बांस, न बजेगी बांसुरी
सीनापाली, एसडीके, सोनाबेड़ा… ये वो नाम थे जिन्हें सुनकर कभी इलाके में सन्नाटा पसर जाता था। लेकिन आज गरियाबंद पुलिस और सुरक्षाबलों ने वो कर दिखाया जिसे क्लीन स्वीप कहते हैं। 9 भारी-भरकम नक्सलियों के सरेंडर के साथ ही इस पूरी कमेटी का वजूद ही खत्म हो गया है। अब न तो वहां कोई झंडा उठाने वाला बचा है और न ही डंडा चलाने वाला।
8 लाख वाली क्रांति का हिसाब किताब
जरा इन क्रांतिकारियों के बायोडाटा पर गौर फरमाइए, जिन्हें अब जंगल की मच्छरदानी से ज्यादा घर की छत प्यारी लग रही है:
नाम पद/इनाम हथियार
अंजू उर्फ कविता डिवीजन सचिव / SDK प्रभारी (8 लाख) AK-47
बलदेव उर्फ वामनवट्टी सीनापाली एसी प्रभारी (8 लाख) AK-47
डमरू उर्फ महादेव डिवीजनल कमेटी सदस्य (8 लाख) AK-47
सोनी उर्फ बुदरी सीनापाली एरिया कमेटी सचिव (8 लाख) SLR
रंजीत उर्फ गोविंद सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य (5 लाख) SLR
पार्वती उर्फ सुक्की सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य (5 लाख) –
रतना पार्टी सदस्य (1 लाख) .303 राइफल
नवीता पार्टी सदस्य (1 लाख) –
सरूपा पार्टी सदस्य (1 लाख)

इन नक्सलियों ने कुल 6 हथियारों के साथ सरेंडर किया है 3 ak 47 2 एसएलआर और एक 303 के साथ ।
सीतानदी वाले सावधान अब सिर्फ चार यार बाकी
सीनापाली कमेटी के सफाए के बाद अब सीतानदी कमेटी में मातम पसरा होगा। वहां अब सिर्फ ज्योति, रामदास और उमा की चौकड़ी बची है। 8- 8 लाख का इनाम लेकर ये तीनों अब शायद एक-दूसरे का चेहरा देख रहे होंगे कि अगला नंबर किसका है? गरियाबंद पुलिस ने साफ कर दिया है या तो सुधर जाओ, या फिर इतिहास बन जाओ।
आंसुओं ने छीनी बंदूक की ताकत
जो काम सालों की गोलियां नहीं कर पाईं, वो कल एक मार्मिक अपील ने कर दिया। बलदेव और उषा के परिजनों ने जैसे ही इमोशनल कार्ड खेला, नक्सलियों का लाल किला ताश के पत्तों की तरह ढह गया 45 लाख रुपये का संयुक्त इनाम आज पुलिस के सामने मुस्कुरा रहा है।