हिमांशु साँगाणी
गरियाबंद, छत्तीसगढ़: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5.28 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। महीनों तक नौकरी न मिलने पर ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

स्वास्थ्य विभाग में नौकरी का लालच, और फिर ठगी!
प्रार्थी कृष्ण कुमार पटेल (निवासी नवापारा, थाना अमलीपदर) ने 8 मार्च 2025 को पुलिस को बताया कि आरोपी अनुराधा बाघमार, कुलेश्वरी कुलदीप और डागेन्द्र कुमार पटेल ने उसे भरोसा दिलाया कि वे स्वास्थ्य विभाग में ऊंचे पदों तक पकड़ रखते हैं और उसे सुपरवाइजर की नौकरी दिलवा सकते हैं। इसके बदले में 5.28 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
शुरुआत में उसे कहा गया कि सरकारी नौकरी जल्द लग जाएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई नियुक्ति पत्र नहीं आया। बार-बार पूछने पर आरोपी आज-कल की बात कहकर टालते रहे। आखिरकार, जब हकीकत सामने आई, तो कृष्ण कुमार ने अमलीपदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा, तीनों आरोपी गिरफ्तार
जांच में ठगी के पर्याप्त सबूत मिलने पर धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की लिस्ट:
1️⃣ अनुराधा बाघमार (50 वर्ष) – निवासी इंदागांव, थाना इंदागांव, गरियाबंद।
2️⃣ डागेन्द्र कुमार पटेल (25 वर्ष) – निवासी नागाबुड़ा, थाना सिटी कोतवाली, गरियाबंद।
3️⃣ कुलेश्वरी कुलदीप (45 वर्ष) – निवासी चुचरूंगपुर, थाना मगरलोड, धमतरी।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी: जानिए कैसे बचें!
➡ फर्जी एजेंटों से सावधान रहें: कोई भी व्यक्ति अगर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहा है, तो यह साफ संकेत है कि कुछ गड़बड़ है।
➡ अधिकृत भर्ती प्रक्रिया को समझें: सरकारी नौकरियां केवल सरकारी पोर्टल या आयोगों के माध्यम से ही निकलती हैं।
➡ लेन-देन का पुख्ता सबूत रखें: यदि किसी कारणवश कोई पैसे ले भी रहा है, तो लिखित अनुबंध और साक्ष्य रखें।
👉 अगर आप भी सरकारी नौकरी के लिए किसी को पैसे दे रहे हैं, तो सतर्क रहें! बिना आधिकारिक प्रक्रिया के कोई नौकरी नहीं लगती।