गरियाबंद में शादी की दावत बनी आफत दावत के बाद फूड पॉइजनिंग का तांडव,मोहलाई और बोइरगांव के 44 से अधिक ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार। उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में इलाज जारी। पूरी खबर पढ़ें…पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ खुशियों भरा शादी का माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया। शादी के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गए दो अलग-अलग पंचायतों के दर्जनों ग्रामीण फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का शिकार हो गए हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि सुबह होते ही गांवों में एम्बुलेंस की आवाजें गूंजने लगीं और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों का तांता लग गया।

गरियाबंद में शादी की दावत बनी आफत पहले जश्न और फिर अस्पताल
पूरा मामला गरियाबंद के दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत आमदी (द) के आश्रित ग्राम मोहलाई के ग्रामीण कुटेना में आयोजित एक शादी समारोह के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहीं, ग्राम पंचायत दर्रीपारा के बोइरगांव के ग्रामीण धवलपुर में आयोजित एक अन्य भोज कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
कल रात तक सब कुछ सामान्य था, ग्रामीण हंसी-खुशी दावत का आनंद लेकर अपने घर लौटे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आज सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरण पड़ी, ग्रामीणों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। देखते ही देखते उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द ने विकराल रूप ले लिया।
बीमारों का आंकड़ा देख उड़े होश उपस्वास्थ्य केंद्र में बेड कम पड़े
फूड पॉइजनिंग का असर इतना जबरदस्त है कि बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ताजा जानकारी के अनुसार मोहलाई (आमदी पंचायत) यहाँ के 17 ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार हैं। बोइरगांव (दर्रीपारा पंचायत) यहाँ स्थिति और भी चिंताजनक है, जहाँ 27 ग्रामीणों की हालत बिगड़ी है।
वर्तमान में उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में युद्ध स्तर पर मरीजों का इलाज जारी है। अस्पताल परिसर में तिल रखने की जगह नहीं बची है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। डर इस बात का है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
सरपंचों ने संभाला मोर्चा, प्रशासन में हड़कंप
इस विपदा की घड़ी में स्थानीय जनप्रतिनिधि ढाल बनकर खड़े हो गए हैं। आमदी पंचायत के सरपंच आत्माराम नेताम और दर्रीपारा के सरपंच राजकुमार सोरी खुद मौके पर मौजूद हैं। वे न केवल मरीजों की देखरेख कर रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर बेहतर इलाज सुनिश्चित कर रहे हैं।
प्रशासनिक हलकों में भी इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें प्रभावित गांवों (मोहलाई और बोइरगांव) में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं ताकि दबे हुए लक्षणों वाले मरीजों को तुरंत उपचार दिया जा सके।
क्या दावत का खाना था जहरीला ?
प्राथमिक दृष्टि से इसे फूड पॉइजनिंग माना जा रहा है। शादी समारोह में परोसे गए भोजन के सैंपल्स की जांच की जा सकती है। गर्मी के इस मौसम में भोजन का जल्दी खराब होना या साफ-सफाई में चूक इस बड़ी घटना का कारण हो सकती है। फिलहाल, प्राथमिकता सभी ग्रामीणों की जान बचाना है।
यह भी पढ़ें … खुशियों के बीच पसरा मातम गरियाबंद के युवकों पर फिल्मी स्टाइल में खूनी हमला, एक की मौत एक गंभीर और चार लहूलुहान ।