खबर का बड़ा असर! गरियाबंद आत्मानंद स्कूल की विवादित प्राचार्य वंदना पांडेय को हटाया गया। छात्रों और शिक्षकों के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने लिया फैसला।
गरियाबंद लोकतंत्र में जब गुरु और शिष्य दोनों एक ही जिद पर अड़ जाएं, तो बड़े से बड़ा सिंहासन डोल जाता है। गरियाबंद के आत्मानंद स्कूल में पिछले कई दिनों से चल रहा कुर्सी का दंगल आखिरकार समाप्त हो गया। खबर का बड़ा असर हुआ है प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं और विवादों के केंद्र में रहीं प्राचार्य वंदना पांडेय की बहाली को निरस्त करते हुए उन्हें स्कूल से हटा दिया गया है।

मैडम की जिद हारी, एकजुटता जीती
बता दें कि 29 जनवरी को बहाली का आदेश आने के बाद से ही स्कूल में पढ़ाई नहीं, बल्कि घमासान हो रहा था। जिस मैडम को 17 अक्टूबर को लापरवाही और अनुशासनहीनता के लिए निलंबित किया गया था, उन्हें दोबारा उसी स्कूल में बिठाने का प्रशासनिक प्रयोग पूरी तरह फेल रहा। 5 फरवरी को जब 28 शिक्षकों ने ‘मानसिक प्रताड़ना’ के खिलाफ मोर्चा खोला और आज जब सैकड़ों नौनिहाल कड़कड़ाती धूप में 2 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, तब जाकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जारी किया आदेश ।
कट-मनी और वीडियो वार का द एंड
छात्रों ने न केवल मैडम को हटाने की मांग की थी, बल्कि उन पर इंटर्नशिप के पैसों में 200 रुपये की कट-मनी मांगने जैसे गंभीर और शर्मनाक आरोप भी लगाए थे। वहीं, शिक्षकों के निजी वीडियो वायरल करवाकर उनका चरित्र हनन करने की डिजिटल साजिश भी नाकाम रही। प्रशासन ने भांप लिया कि अगर अब कार्रवाई नहीं हुई, तो सामूहिक इस्तीफे का बम फूट सकता है।
शिक्षा के मंदिर में अब होगी शांति
जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्रों और शिक्षकों के भारी आक्रोश को देखते हुए वंदना पांडेय की बहाली को निरस्त कर दिया है। इसे गरियाबंद के जागरूक छात्रों और एकजुट शिक्षकों की बड़ी जीत माना जा रहा है। अब उम्मीद है कि स्कूल की चहारदीवारी के भीतर रील और राजनीति के बजाय फिर से ‘क ख ग’ की गूंज सुनाई देगी।
छात्रों के हित को देखते हुए फैसला
इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी बोले मैडम की बहाली के बात से लगातार आत्मानंद स्कूल के शिक्षा पर छात्रों के द्वारा स्थापित का विरोध किया जा रहा था जिससे बच्चे की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही थी जिसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है और उनके आदेश निरस्त कर दिया गया उन्हें इस दौरान जिला कार्यालय में अटैच किया जाएगा ।
रिल्स बनाने वाली शिक्षिकाओं पर भी गिरी गाज
वही इस पूरे मामले में रील्स बनाने वाली शिक्षकों पर भी गिरि है गाज जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस किया है जारी । आपको बता दे कि प्राचार्य के विरोध करने वाली शिक्षकों के वीडियो और रिल्स को प्राचार्य के द्वारा अलग अलग तरीकों से वायरल करवाया जा रहा था जिसमें वह रिल्स बनाती हुई नजर आ रही है इस मामले को भी जिला शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान में लिया है और उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है ।