भारत रत्न का कैसा सम्मान ? मूत्रालय के पास अटल परिसर, कोपरा में बवाल, एसडीएम की रोक अड़ियल कोपरा नगर पंचायत के लिए बस एक मज़ाक।

Sangani

By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

भारत रत्न का मजाक ? कोपरा नगर पंचायत में अटल परिसर निर्माण पर भारी विवाद एसडीएम की रोक के बावजूद मूत्रालय के पास निर्माण कार्य शुरू, जानिए क्यों भड़के स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता।

गरियाबंद छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता और भारत के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर बन रहे अटल परिसर का हाल जानकर शायद आज स्वयं अटल जी भी मुस्कुरा रहे होंगे – या शायद सोच रहे होंगे कि यह कैसा सम्मान है

​जी हाँ, कोपरा नगर पंचायत में अटल परिसर का निर्माण अब सम्मान का विषय कम और चर्चा का विषय ज्यादा बन गया है। मामला इतना गरमा चुका है कि अब इसे अटल विवाद परिसर कहना ज्यादा उचित होगा।

भारत रत्न

​भारत रत्न का शौचालय के बगल में शिलान्यास अटल जी को मिला अटल सम्मान

​खबर यह है कि यह दिव्य निर्माण कार्य, जिसे प्रशासन ने पहले रोक दिया था, वह नगर पंचायत अध्यक्ष महोदय के अड़ियल रवैये की बदौलत फिर से शुरू हो गया है। ऐसा लग रहा है कि अध्यक्ष महोदय ने एसडीएम के आदेश को एक सरकारी कागज का टुकड़ा समझकर हवा में उड़ा दिया है।

​सबसे मजेदार बात तो यह है कि यह अटल परिसर कहाँ बन रहा है? जनाब, यह बन रहा है सरस्वती शिशु मंदिर के मूत्रालय (Toilet/Urinal) के ठीक बगल में!

​क्या इससे अच्छा कोई स्थान हो सकता था? शायद नगर पंचायत का मानना है कि महापुरुषों को सादगी पसंद होती है, और इससे बेहतर सादा स्थान क्या होगा, जो हैंडपंप के ऊपर-नीचे और संकरे रास्ते पर, असामाजिक तत्वों के इवनिंग क्लब के पास स्थित हो? सच में, यह तो अटल सम्मान की पराकाष्ठा है!

जलस्रोत पर अटल निर्माण नियमों को दी गई अटल श्रद्धांजलि

​शिकायतकर्ता नरेश निषाद ने एसडीएम को आवेदन सौंपकर कई अटल सत्य उजागर किए हैं: निर्माण कार्य उनकी निजी भूमि (Kh. No. 4404) से सटा हुआ है। निर्माण स्थल पर एक सार्वजनिक हैंडपंप (Public Water Source) स्थापित है, जिसके ऊपर या आसपास निर्माण कार्य करना शासन के नियमों का घोर उल्लंघन है। (लेकिन नियम किसके लिए? अध्यक्ष जी के लिए नहीं!) यह स्थल इतना संकरा है कि भविष्य में यहाँ से गुजरने वाले आमजन और विद्यार्थियों को अटल परेशानी झेलनी पड़ सकती है । इससे पता चलता है कि कोपरा में शासन के नियम सिर्फ पढ़ने के लिए हैं, लागू करने के लिए नहीं। ऐसा लगता है कि नियमों को भी ‘भारत रत्न’ की तरह अटल श्रद्धांजलि दे दी गई है!

    भाजपा कार्यकर्ता भी शांत पर असंतुष्ट अंदरूनी अटल गुस्सा

    ​अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, जिस स्थान पर भूमिपूजन हुआ था, वहां से जगह बदलकर यह विवादित निर्माण शुरू किया गया है। भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता भी इस फैसले से अंदर ही अंदर उबल रहे हैं। वे खुलकर विरोध में नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनकी दबी हुई आवाज कह रही है कि अटल जी जैसे महान नेता का परिसर मुख्य चौक-चौराहे पर होना चाहिए था, न कि किसी संकरे, विवादित और मूत्रालय से सटे कोने में। शायद यह उनकी पार्टी निष्ठा है जो उन्हें अटल विरोध से रोक रही है।

    आगे क्या होगा ? प्रशासन की कार्रवाई पर निगाहें

    ​फिलहाल, नरेश निषाद का नया आवेदन एसडीएम राजिम कार्यालय पहुँच चुका है। अब सारी निगाहें प्रशासन की अगली अटल कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या प्रशासन इस बार अड़ियल रवैये पर नकेल कसेगा, या एक बार फिर सरकारी आदेशों की धज्जियाँ उड़ती रहेंगी? ​यह तो आने वाला समय ही बताएगा। तब तक, कोपरा नगर पंचायत को बधाई आपने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को एक ऐसा विवादित परिसर समर्पित किया है, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक होगी।

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