गरियाबंद पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल। एसपी वेद व्रत सिरमौर ने 29 प्रधान आरक्षक और आरक्षकों का स्थानांतरण किया। जानिए किसे मिला कौन सा थाना और नई जिम्मेदारी।
गरियाबंद गरियाबंद पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर के आदेश के बाद जिले में पदस्थ प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के तबादले किए गए हैं। जारी स्थानांतरण आदेश में कुल 29 पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारी और नई पदस्थापना दी गई है।

इस तबादला सूची में थाना राजिम, मैनपुर, छुरा, देवभोग, अमलीपदर, गरियाबंद सहित रक्षित केंद्र और विभिन्न कैम्पों में पदस्थ कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर आमद देने के निर्देश दिए गए हैं।


प्रशासनिक दृष्टिकोण से किया गया स्थानांतरण
पुलिस अधीक्षक कार्यालय गरियाबंद से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से नई पदस्थापना पर स्थानांतरित किया गया है। इस सूची में कई पुलिसकर्मियों को सीधे थानों में भेजा गया है, जबकि कुछ को रक्षित केंद्र, विशेष टीम, कैम्प और चेकपोस्ट में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जानिए किसे मिली नई जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार प्रमुख स्थानांतरण इस प्रकार हैं—
- प्रधान आरक्षक सुरेश लाल को अमलीपदर से गरियाबंद थाना भेजा गया।
- प्रधान आरक्षक तुलसी राम निषाद को राजिम से अमलीपदर थाना की जिम्मेदारी दी गई।
- प्रधान आरक्षक जितेंद्र कुमार साहू को राजिम से अमलीपदर स्थानांतरित किया गया।
- प्रधान आरक्षक गोपालचंद कोसरे को मैनपुर क्षेत्र से देवभोग थाना भेजा गया।
- प्रधान आरक्षक मो. सुल्तान को गरियाबंद से मैनपुर थाना की जिम्मेदारी मिली।
- प्रधान आरक्षक दुकेश्वर साहू को छुरा से रक्षित केंद्र गरियाबंद भेजा गया।
- आरक्षक मोती राम को मैनपुर से राजिम थाना भेजा गया।
- आरक्षक होरी लाल को मैनपुर क्षेत्र से पाण्डुका थाना की जिम्मेदारी दी गई।
- आरक्षक प्रियांशु नागवंशी को मैनपुर क्षेत्र से गरियाबंद थाना भेजा गया।
- आरक्षक नागेश कुमार कंवर को मैनपुर से चौकी बिंद्रानवागढ़ भेजा गया।
- आरक्षक दुकेश्वर पटेल को मैनपुर से मैनपुर थाना में नई जिम्मेदारी दी गई।
- आरक्षक भारद्वाज को मैनपुर क्षेत्र से रक्षित केंद्र गरियाबंद भेजा गया।
- आरक्षक मनीष लाल यादव को रक्षित केंद्र गरियाबंद भेजा गया।
- आरक्षक विमल लकड़ा को मैनपुर क्षेत्र से रक्षित केंद्र गरियाबंद स्थानांतरित किया गया।
- आरक्षक परमेश्वर नेताम को मैनपुर क्षेत्र से रक्षित केंद्र गरियाबंद भेजा गया।
- आरक्षक सतीश गिरी गोस्वामी को गरियाबंद से मैनपुर क्षेत्र में नई जिम्मेदारी दी गई।
- आरक्षक सुशील पाठक को रक्षित केंद्र गरियाबंद से मैनपुर क्षेत्र भेजा गया।
- आरक्षक कादर अली को रक्षित केंद्र गरियाबंद से मैनपुर थाना क्षेत्र में पदस्थ किया गया।
- आरक्षक आलम बेग को गरियाबंद से मैनपुर क्षेत्र में नई जिम्मेदारी दी गई।
- आरक्षक कृतेंद्र कुमार प्रजापति को मैनपुर थाना भेजा गया।
- आरक्षक देवेंद्र कुमार सोनवानी को मैनपुर क्षेत्र में पदस्थ किया गया।
- आरक्षक गंगाधर सिन्हा को मैनपुर क्षेत्र में नई जिम्मेदारी दी गई।
- आरक्षक मनोज कुमार खुंटे को गरियाबंद से मैनपुर क्षेत्र भेजा गया।
- आरक्षक भूपेंद्र साहू को मैनपुर थाना क्षेत्र में पदस्थ किया गया।
- आरक्षक योगेश सिंह को मैनपुर से वाहन चालक कार्य की जिम्मेदारी के लिए स्थानांतरित किया गया।
- आरक्षक कुंदन कुमार जगने को रक्षित केंद्र से अमलीपदर थाना में वाहन चालक कार्य के लिए भेजा गया।
- आरक्षक त्रिवेणी नागेश को गरियाबंद थाना में वाहन चालक कार्य की जिम्मेदारी दी गई।
- आरक्षक भूपेंद्र कुमार सोनवानी को एसडीओपी कार्यालय गरियाबंद से एसडीओपी कार्यालय मैनपुर स्थानांतरित किया गया।
मैनपुर और गरियाबंद क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर
इस स्थानांतरण आदेश में सबसे अधिक हलचल मैनपुर, गरियाबंद और आसपास के थाना क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। कई आरक्षकों और प्रधान आरक्षकों की नई पदस्थापना से पुलिसिंग व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं रक्षित केंद्र से थानों और थानों से रक्षित केंद्र में किए गए तबादलों को प्रशासनिक संतुलन और मैदानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
एसपी का साफ निर्देश तत्काल नई जगह दें आमद
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अपनी नवीन पदस्थापना में आमद दें। आदेश की प्रतिलिपि जिले के संबंधित पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
क्यों है यह तबादला आदेश अहम?
गरियाबंद पुलिस में जारी यह तबादला आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक साथ बड़ी संख्या में मैदानी अमले की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। थाना स्तर से लेकर कैम्प, रक्षित केंद्र, चेकपोस्ट और कार्यालयीन कार्य तक कर्मचारियों की नई तैनाती की गई है। आने वाले दिनों में इसका सीधा असर जिले की पुलिसिंग और मैदानी व्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।