106 हेक्टेयर जंगल की वापसी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 106 हेक्टेयर अतिक्रमित कोर क्षेत्र मुक्त कराया गया, ISRO सैटेलाइट और DGPS ड्रोन मैपिंग से हुआ वैज्ञानिक सीमांकन पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी कोर क्षेत्र में जिस जंगल की जमीन वर्षों में धीरे-धीरे अतिक्रमण की जद में पहुंच गई थी, अब उसी जमीन को वापस जंगल के हवाले करने की बड़ी कार्रवाई हुई है। करीब 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि अभियान में चार वन प्रभागों से पहुंची ।

106 हेक्टेयर जंगल की वापसी महिला वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला
मामला सिर्फ 106 हेक्टेयर जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे करीब डेढ़ दशक में जंगल के बदलते स्वरूप की पूरी कहानी छिपी है। उपलब्ध जांच और तकनीकी आकलन के मुताबिक, जिस क्षेत्र में वर्ष 2011 के आसपास करीब 45 हेक्टेयर तक अतिक्रमण दर्ज था, वह समय के साथ बढ़कर करीब 106 हेक्टेयर तक पहुंच गया। सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन सर्वे ने इस बदलाव को दर्ज किया।
ISRO की तस्वीरों से सामने आई जंगल की बदलती तस्वीर
अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति समझने के लिए ISRO सैटेलाइट इमेजरी और DGPS आधारित ड्रोन मैपिंग का इस्तेमाल किया गया। अलग-अलग वर्षों की तस्वीरों का मिलान कर वन क्षेत्र में हुए बदलाव का अध्ययन किया गया और ड्रोन सर्वे से जमीन पर मौजूद अतिक्रमण का सीमांकन किया गया। इसी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
इस मामले में कुल 166 लोगों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मई 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 40 आरोपी जेल भेजे जा चुके थे।
जंगल खाली कराने के बाद अगली चुनौती उसे फिर जंगल बनाना
वन विभाग की कार्रवाई अब केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। मुक्त कराए गए क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच, जल संरक्षण और करीब 1,500 पौधों के रोपण जैसे पुनर्स्थापन कार्य किए जा रहे हैं। उद्देश्य साफ है—खाली कराई गई जमीन दोबारा खेती या अतिक्रमण की चपेट में न आए और धीरे-धीरे प्राकृतिक वन आवास वापस लौटे।
यह इलाका वन्यजीवों की आवाजाही और जल स्रोतों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए यहां से अतिक्रमण हटना सिर्फ जमीन खाली होने की घटना नहीं, बल्कि वन्यजीव आवास को दोबारा मजबूत करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
चार जिलों की महिला वनबल ने संभाला मोर्चा
सीतानदी कोर क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से आई महिला वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभियान का नेतृत्व किया। स्थानीय ग्रामीणों की ओर से भी घुरावाड़, बरबंधा और भुरसीडोंगरी क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान सहयोग मिलने की बात सामने आई है।
USTR में पिछले वर्षों में अतिक्रमण हटाने के साथ तकनीकी निगरानी और पुनर्स्थापन पर जोर बढ़ा है। अगस्त 2026 में हटाए गए क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण की कोशिश के आरोप भी सामने आए थे, जिसके बाद प्रबंधन ने निगरानी और कानूनी कार्रवाई तेज करने की बात कही थी।
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