गरियाबंद में जब्त 1.64 क्विंटल गांजा नष्ट गरियाबंद पुलिस ने 11 प्रकरणों में जब्त 1 क्विंटल 64.919 किलो गांजा और 50 नशीली टेबलेट को सिलतरा रायपुर के नारकोटिक डिस्पोजल केन्द्र में नष्ट कराया।
गरियाबंद जिले में अलग-अलग मामलों में पुलिस द्वारा जब्त किए गए गांजे के बड़े जखीरे का अब पूरी तरह सफाया कर दिया गया है। गरियाबंद पुलिस ने 11 प्रकरणों में जब्त कुल 1 क्विंटल 64.919 किलोग्राम गांजा और एक मामले में बरामद 50 नग नशीली टेबलेट को रायपुर के सिलतरा स्थित नारकोटिक डिस्पोजल केन्द्र में विधिवत नष्ट कराया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देशों के तहत की गई। कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद जब्त मादक पदार्थ सुरक्षित तरीके से नष्ट हो और उसका दोबारा किसी भी तरह से दुरुपयोग न हो सके।

गरियाबंद में जब्त 1.64 क्विंटल गांजा नष्ट 12 प्रकरणों से निकला नशे का बड़ा जखीरा
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के अनुसार, गरियाबंद जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 12 प्रकरणों में यह मादक पदार्थ जब्त किया गया था। इनमें सिटी कोतवाली गरियाबंद का एक, मैनपुर के दो, देवभोग के दो, पाण्डुका का एक, राजिम के दो और फिंगेश्वर के तीन प्रकरण शामिल हैं।
इन 11 मामलों से बरामद गांजे की कुल मात्रा 164.919 किलोग्राम रही। इसके अलावा पाण्डुका थाना क्षेत्र के एक प्रकरण में जब्त 50 नग नशीली टेबलेट भी नष्ट की गई।
ड्रग्स डिस्पोजल समिति के सामने हुई कार्रवाई
नारकोटिक डिस्पोजल केन्द्र सिलतरा रायपुर में ड्रग्स डिस्पोजल समिति के समक्ष पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार जब्त मादक पदार्थों का विधिवत नष्टीकरण किया गया।
इस कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण कुमार उइके तथा पुलिस अधीक्षक गरिमा दादर द्वारा डीसीबी/डीसीआरबी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक टूकान लाल नवरत्न को नामांकित किया गया था।
नशे के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी मात्रा में जब्ती
एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में जब्त गांजे का नष्टीकरण यह भी बताता है कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में जब्त किए गए इन मादक पदार्थों को अब कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जब्त सामग्री के सुरक्षित नष्टीकरण की प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, ताकि जब्त किए गए पदार्थ किसी भी स्तर पर दोबारा इस्तेमाल या दुरुपयोग की आशंका से बाहर हो जाएं।
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