हिमांशु साँगाणी पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
गरियाबंद जिला प्रशासन जिले के फिंगेश्वर के बिरोड़ा रेत घाट का ऑनलाइन रेट कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई के दावों के बीच यह पोस्ट प्रशासन की पोल खोल रही है।
गरियाबंद जिले में प्रशासन के बड़े-बड़े दावे अब सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने ध्वस्त कर दिए हैं। जिस अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई की घोषणाएँ होती रहती हैं, वहीँ फिंगेश्वर के बिरोड़ा रेत घाट का रेट लिस्ट बाकायदा WhatsApp पर घूम रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसमें न केवल रेत घाट चालू होने की बात लिखी गई है बल्कि 10 चक्का से लेकर 16 चक्का तक के दाम भी तय कर दिए गए हैं।

गरियाबंद जिला प्रशासन
गरियाबंद जिला प्रशासन को चुनौती फास्ट लोडिंग का दावा, रोड क्लियर का भरोसा
वायरल पोस्ट में लिखा गया है
10 चक्का 5500 रुपए,
12 चक्का 6500 रुपए,
14 चक्का 7500 रुपए
और 16 चक्का 8500 रुपए।
इधर कार्यवाही हुई , दुबारा खनन फिर शुरू
यानी खनिज विभाग की टीम भले ही दफ्तर में कागजी कार्रवाई में व्यस्त हो, जमीनी स्तर पर अवैध कारोबारियों ने बाकायदा रेट कार्ड और फास्ट लोडिंग की गारंटी जारी कर दी है। इतना ही नहीं, संदेश में यह भी साफ किया गया है कि रोड रास्ता क्लियर है, मतलब पुलिस-प्रशासन भी बीच में टोकाटाकी करने वाला नहीं।
कार्रवाई के दावे, हकीकत में ऑनलाइन बिक्री
खनिज विभाग के अधिकारी अक्सर बयान देते हैं कि अवैध उत्खनन पर सख्त नजर है और टीम गठित कर छापेमारी की जाती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि कार्रवाई वास्तव में हो रही है तो फिंगेश्वर के बिरोड़ा घाट पर लोग इतने बेखौफ कैसे? क्या कार्रवाई केवल प्रेस नोट तक सीमित है और असली कारोबारियों का WhatsApp यूनिवर्सिटी से धंधा चल रहा है?
जनता का सवाल प्रशासन खरीदार तो नहीं?
इस वायरल पोस्ट ने पूरे जिले में चर्चा छेड़ दी है। लोग तो कह रहे हैं कि अब तो प्रशासन को सीधा ऑनलाइन ही बुकिंग शुरू कर देनी चाहिए, ताकि रसीद भी मिले और सरकार को टैक्स भी।