गरियाबंद में खबर का असर, मुख्यमंत्री गोद ग्राम में खत्म हुआ जल का वनवास, पीएचई विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शुरू किया बोर कार्य ।

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By Sangani

गरियाबंद में खबर का असर जिले के छुरा ब्लॉक के मुख्यमंत्री गोद ग्राम केडीआमा में खबर दिखाए जाने के बाद पीएचई विभाग के ई विप्लव धृतलहरे ने तत्काल संज्ञान लिया है उनके निर्देश पर गांव में बोर कार्य शुरू होने से अब कमार परिवारों को मिलेगा साफ पानी ।

गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत मुख्यमंत्री गोद ग्राम केडीआमा (रमनपुर) की खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता का परिचय दिया है विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों द्वारा झरिया का दूषित जल पीने की विवशता का मामला जैसे ही पीएचई विभाग के ई विप्लव धृतलहरे के संज्ञान में आया उन्होंने विलंब न करते हुए तत्काल धरातल पर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश जारी कर दिए हैं

गरियाबंद में खबर का असर

गरियाबंद में खबर का असर ई विप्लव धृतलहरे का त्वरित एक्शन और जागा तंत्र

​पिछले दो महीने से पेयजल के संकट से जूझ रहे केडीआमा गांव में अब मशीनों की गूंज सुनाई दे रही है ई विप्लव धृतलहरे ने मामले की गंभीरता को समझते हुए विभागीय सुस्ती को किनारे कर सीधे निर्देश दिए कि कमार परिवारों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता है उनके आदेश के बाद विभाग की ‘मशीन खराब है’ वाली फाइल बंद हुई और तत्काल प्रभाव से गांव में बोर खनन और सुधार कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया

​सरपंच योगेश ध्रुव और स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग के इस सकारात्मक रुख और ई विप्लव धृतलहरे की कार्यशैली की सराहना की है उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों की सक्रियता के कारण ही महीनों से लंबित समस्या का समाधान अब धरातल पर दिख रहा है

अब झरिया के दूषित जल से मिलेगी मुक्ति

​गांव में नया बोर कार्य शुरू होने से अब कमार परिवारों को झरिया (छोटे गड्ढे) का असुरक्षित और मटमैला पानी पीने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा ज्येष्ठ की इस तपती दुपहरी में स्वच्छ और शीतल जल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पेयजल आपूर्ति को जल्द से जल्द पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा

​मुख्यमंत्री गोद ग्राम होने के नाते इस गांव की समस्याओं पर त्वरित समाधान की अपेक्षा की जा रही थी और ई विप्लव धृतलहरे के हस्तक्षेप ने यह साबित कर दिया कि यदि नेतृत्व सक्रिय हो तो समस्याओं का निराकरण समय सीमा में संभव है

संज्ञान में आते ही प्राथमिकता से शुरू हुआ काम

​इस पूरे प्रकरण में पीएचई विभाग के ई विप्लव धृतलहरे का रुख बेहद सकारात्मक रहा उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासियों और विशेष पिछड़ी जनजातियों की बुनियादी सुविधाओं में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी विभाग अब इस बोर कार्य को पूर्ण कर जल्द ही गांव की नल-जल योजना को भी दुरुस्त करने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा निर्मित न हो

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