गरियाबंद दुर्घटना छुरा से गरियाबंद मार्ग पर झालखमहार के पास बेहोश पड़े घायल युवक को साइबर वॉलिंटियर कैलाश नामदेव ने निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान पेश की मानवता की मिसाल जानें पूरा मामला पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद छुरा से गरियाबंद मार्ग पर स्थित झालखमहार के पास उस वक्त मानवता की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली जब एक राहगीर ने तत्परता दिखाते हुए सड़क किनारे बेहोश पड़े घायल युवक की जान बचाई।
मिली जानकारी के अनुसार झालखमहार के पास एक युवक बेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़ा हुआ था और उसके मुंह से लगातार खून निकल रहा था।

गरियाबंद दुर्घटना ..अपना काम छोड़ घायल युवक की मदद की
इसी दौरान छुरा से गरियाबंद की ओर आ रहे राहगीर कैलाश नामदेव की नजर उस घायल युवक पर पड़ी जिसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत उसकी मदद करने का फैसला किया।
कैलाश नामदेव ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल किया लेकिन जंगल क्षेत्र होने के कारण मोबाइल में नेटवर्क नहीं था जिससे संपर्क नहीं हो पाया।
108 को कॉल नहीं लगा तो खुद ही घायल को लेकर अस्पताल पहुंचे
नेटवर्क न होने पर भी कैलाश ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत एक निजी वाहन की व्यवस्था कर घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल गरियाबंद पहुंचाया जिससे उसकी जान बच सकी।</p>
अस्पताल पहुंचाने के साथ ही सजग नागरिक कैलाश नामदेव ने पुलिस कंट्रोल रूम ट्रैफिक प्रभारी और थाना प्रभारी गरियाबंद को मामले की तत्काल सूचना देकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।
कैलाश को पुलिस विभाग ने सायबर वालेंटियर बनाया है
आपको बता दें कि घायल की जान बचाने वाले कैलाश नामदेव क्षेत्र में सामाजिक रूप से बेहद सक्रिय हैं और पुलिस विभाग द्वारा उन्हें साइबर वॉलिंटियर भी बनाया गया है।
कैलाश नामदेव लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाते हैं और स्थानीय स्कूल व कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए महत्वपूर्ण स्पीच भी देते हैं।