गरियाबंद के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के DFO वरुण जैन और वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने किया जानलेवा हमला,1 लाख पेड़ काटने वाले 166 आरोपियों पर कार्रवाई के दौरान जैतपुरी में भड़की हिंसा का लाइव वीडियो वायरल देखे पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के जांबाज डीएफओ वरुण जैन और उनकी टीम पर अतिक्रमणकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया है। इस खौफनाक हमले का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले और वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

यह पूरी घटना गरियाबंद के जैतपुरी गांव की बताई जा रही है जहां वन विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने पहुंची थी। दरअसल उदंती सीतानदी टाईगर रिज़र्व के भीतर बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई कर अवैध कब्जा किया गया है। इसी मामले में जब जांबाज अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद भीड़ हिंसक हो उठी और टीम को घेरकर हमला कर दिया।
1 लाख पेड़ काटने वाले भू-माफियाओं पर एक्शन से भड़का गुस्सा
यह पूरा विवाद कोई छोटा-मोटा जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि पर्यावरण की सबसे बड़ी तबाही से जुड़ा है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के भीतर करीब 1 लाख पेड़ों को बेरहमी से काटकर अवैध रूप से अतिक्रमण करने का एक बड़ा मामला लंबे समय से चल रहा था। इसी गंभीर मामले में कुल 166 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने के लिए डीएफओ वरुण जैन खुद मैदान में उतरे थे।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके से 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अपने साथियों को पुलिस की गिरफ्त में जाते देख वहां मौजूद बाकी अतिक्रमणकारी अचानक बेहद उग्र हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने पूरी टीम पर हमला बोल दिया जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई, हालांकि इस पूरे हमलें में डीएफओ वर्ण जैन फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे है
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हमले का लाइव वीडियो
इस सनसनीखेज वारदात का एक वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह उग्र भीड़ सरकारी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को खदेड़ रही है। चारों तरफ चीख-पुकार मची है और लोग पत्थरों से हमला कर रहे हैं। इस हमले में डीएफओ वरुण जैन और उनके स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद को सुरक्षित निकाला लेकिन तनाव अब भी बरकरार है।
टाइगर रिजर्व के भीतर इस तरह सरेआम एक आईएफएस अधिकारी और पुलिस टीम पर हमला होना यह साबित करता है कि वन माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं। फिलहाल इस घटना के बाद गरियाबंद पुलिस और वन विभाग बैकफुट पर नहीं है बल्कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।