गरियाबंद में अब फेरी लगाने से पहले देना होगा फिंगरप्रिंट पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर के आदेश के बाद अब जिले में बाहर से आने वाले फेरी वालों, मुसाफिरों और किराएदारों का रिकॉर्ड NAFIS सिस्टम में दर्ज करना शुरू किया है। सत्यापन नहीं कराने वाले मकान मालिकों और संस्थानों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गरियाबंद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए गरियाबंद पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज कर दिया है। अब बाहर से आने वाले फेरी वालों, मुसाफिरों और किराए पर रहने वाले लोगों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) में दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का देश के किसी भी हिस्से में आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद होगा तो उसकी जानकारी तुरंत सामने आ सकती है।

गरियाबंद में अब फेरी लगाने से पहले देना होगा फिंगरप्रिंट,अब सिर्फ नाम-पता नहीं, फिंगरप्रिंट भी होंगे रिकॉर्ड
गरियाबंद कोतवाली क्षेत्र में बाहर से आने वाले लोगों को थाने बुलाकर उनके फिंगरप्रिंट लिए जा रहे हैं। इन फिंगरप्रिंट्स को NAFIS डेटाबेस में दर्ज किया जा रहा है ताकि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान आसानी से की जा सके। तो अब गरियाबंद में कहां से आए हो? का जवाब सिर्फ जुबान से नहीं, बल्कि मशीन भी देने लगेगी।
फेरी वाला या मुसाफिर बनकर घूम रहे अपराधियों पर नजर
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कई बार अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए फेरी वाले, मजदूर या मुसाफिर बनकर दूसरे क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी ओपी यादव बोले सत्यापन कराना अनिवार्य
गरियाबंद थाना प्रभारी ओपी यादव बोले कि पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर के निर्देशानुसार बाहर से आने वाले लोगों को किराए पर रखने वाले मकान मालिक, व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानदार और संस्थान संचालक भी सतर्क रहें। यदि किसी बाहरी व्यक्ति को किराए पर रखा गया है या काम पर लगाया गया है तो उसका पुलिस सत्यापन कराना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सत्यापन कराए बिना किसी बाहरी व्यक्ति को रखने पर संबंधित मकान मालिक या संस्थान संचालक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के पास रहेगा पूरा डिजिटल रिकॉर्ड
अभियान के तहत बाहर से आने वाले लोगों का पूरा डेटा गरियाबंद कोतवाली पुलिस के पास सुरक्षित रहेगा। इससे भविष्य में किसी भी अपराध, चोरी या संदिग्ध गतिविधि की जांच में पुलिस को त्वरित सहायता मिलेगी।
सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
गरियाबंद पुलिस का यह अभियान जिले में अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब जिले में आने वाले बाहरी लोगों की जानकारी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में पुलिस के पास उपलब्ध होगी।
तो अब गरियाबंद में अब किराए का कमरा देने से पहले सिर्फ एडवांस नहीं, सत्यापन भी जरूरी है। वरना मेहमान की गलती का हिसाब मकान मालिक को भी देना पड़ सकता है।