उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में जंगल पर डाका नाकाम कोर एरिया में 132 साल, बीजा सहित अन्य पेड़ों की गिर्डलिंग कर 4.129 हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जे की कोशिश नाकाम, वन विभाग ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के रिसगांव परिक्षेत्र में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल पर अवैध कब्जे की कोशिश को नाकाम कर दिया। जांच में सामने आया कि कोर एरिया के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 158 में इमारती साल, बीजा एवं अन्य प्रजातियों के 132 पेड़ों की गिर्डलिंग (छाल काटकर सुखाने की प्रक्रिया) कर उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया गया। इसके बाद वनभूमि पर हल चलाकर मक्का की खेती शुरू कर कब्जा जमाने की तैयारी की जा रही थी।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में जंगल पर डाका नाकाम 4.129 हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जे की तैयारी
वन विभाग के अनुसार क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान यह पूरा मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि लगभग 4.129 हेक्टेयर आरक्षित वनभूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर खेती की जा रही थी। पेड़ों को टंगिया जैसे हथियार से गिर्डलिंग कर सुखाने की कोशिश की गई, जिससे वन क्षेत्र और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
7 ग्रामीणों पर दर्ज हुआ वन अपराध, कोर्ट ने भेजा जेल
पूछताछ के बाद गाताबाहरा गांव के 7 लोगों के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया गया। आरोपियों पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर धमतरी जिला जेल भेज दिया गया।
वन विभाग की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन में रिसगांव परिक्षेत्र के वन अधिकारियों, उपवनक्षेत्रपाल, वनपाल, वनरक्षकों तथा पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण, पेड़ों की कटाई या वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार गिर्डलिंग के जरिए पेड़ों को धीरे-धीरे सुखाकर जमीन खाली करने की यह तकनीक जंगलों पर अवैध कब्जे का एक गंभीर तरीका मानी जाती है। समय रहते कार्रवाई होने से टाइगर रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जंगल उजड़ने से बच गया।